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आम बजट 2023-24 की घोषणा करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले साल होने जा रहे आम चुनाव का ध्यान रखा, और आम आदमी को इनकम टैक्स में राहत देने वाली घोषणाएं कीं. बजट भाषण के अंतिम हिस्से के दौरान उन्होंने कहा, "अब, मैं उस हिस्से पर आ रही हूं, जिसका सभी को इंतज़ार है - व्यक्तिगत आयकर... मुझे इस संबंध में पांच प्रमुख घोषणाएं करनी हैं, जो मुख्य तौर पर हमारे मेहनती मध्यम वर्ग को लाभान्वित करेंगी..."
वित्तमंत्री ने कहा, "पहली घोषणा छूट के बारे में है... मौजूदा वक्त में पांच लाख रुपये तक की आय वाले लोग पुरानी और नई दोनों तरह की कर व्यवस्थाओं में कोई आयकर नहीं देते... मैं नई कर व्यवस्था में छूट की सीमा को बढ़ाकर सात लाख रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं... इस प्रकार, नई कर व्यवस्था में सात लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को कोई कर नहीं देना होगा..."
निर्मला सीतारमण ने कहा, "दूसरी घोषणा मध्यवर्ग से जुड़ी है... मैंने वर्ष 2020 में 2.5 लाख से शुरू होने वाले छह आयकर स्लैब के साथ नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था की शुरुआत की थी... मैं इस व्यवस्था में स्लैब की संख्या को घटाकर पांच और कर छूट की सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने के लिए कर संरचना में बदलाव का प्रस्ताव करती हूं... अब नई टैक्स दरें निम्नलिखित हैं...
उन्होंने कहा, "इस प्रस्ताव से नई कर व्यवस्था में सभी करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी... नौ लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्ति को अब केवल 45,000 रुपये का भुगतान करना होगा, जो उनकी आय का महज़ 5 फीसदी है... वे अब तक 60,000 रुपये अदा करते थे, और अब इसमें 25 फीसदी की कटौती हो जाएगी... इसी तरह, 15 लाख की आय वाले व्यक्ति को अपनी आय का केवल 10 प्रतिशत, यानी 1.5 लाख रुपये का भुगतान करने की आवश्यकता होगी, जो 1,87,500 रुपये की मौजूदा देनदारी से 20 प्रतिशत कम होगा..."
वित्तमंत्री के मुताबिक, "तीसरा प्रस्ताव वेतनभोगी वर्ग और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए है, जिनके लिए मैं नई कर व्यवस्था में मानक कटौती का लाभ देने का प्रस्ताव करती हूं... 15.5 लाख या उससे अधिक आय वाले प्रत्येक वेतनभोगी व्यक्ति को इस प्रकार 52,500 रुपये का लाभ होगा..."
निर्मला सीतारमण ने कहा, "व्यक्तिगत आयकर से जुड़ी मेरी चौथी घोषणा उच्चतम कर दर के संबंध में है, जो हमारे देश में 42.74 प्रतिशत है, जो दुनिया में सबसे ज़्यादा कर दरों में से एक है... मैं नई कर व्यवस्था में उच्चतम सरचार्ज दर को 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करती हूं, जिसकी बदौलत अधिकतम कर की दर घटकर 39 प्रतिशत हो जाएगी..."
उन्होंने कहा, "अंत में, गैर-सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण पर कर छूट के लिए तीन लाख रुपये की सीमा अंतिम बार वर्ष 2002 में तय की गई थी, जब सरकार में उच्चतम मूल वेतन 30,000 प्रतिमाह था... सरकारी वेतन में वृद्धि के अनुरूप, मैं इस सीमा को बढ़ाकर 25 लाख करने का प्रस्ताव कर रही हूं..."
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके अलावा कहा, "हम नई आयकर व्यवस्था को भी डीफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बना रहे हैं, हालांकि, नागरिकों के पास पुरानी कर व्यवस्था का लाभ उठाने का विकल्प बना रहेगा..."
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना पहला अभिभाषण दिया. इस दौरान उन्होंने सरकार की कई योजनाओं का जिक्र किया, जिससे करोड़ों लोग लाभांवित हो रहे हैं. ये योजनाएं समाज के हर वर्ग के लिए बनाई गई हैं. इन योजनाओं में खासतौर पर गरीब, पिछड़े और वंचितों को प्राथमिकता दी गई है. आइए आपको बताते हैं, कौन-सी हैं ये योजनाएं.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की सफलता आज हम देख रहे हैं. देश में पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक हुई है एवं महिलाओं का स्वास्थ्य भी पहले के मुकाबले और बेहतर हुआ है.
'जल जीवन मिशन' के तहत तीन वर्षों में करीब 11 करोड़ परिवार 'पाइप वाटर सप्लाई' से जुड़ चुके हैं. इसका सबसे ज्यादा लाभ गरीब परिवारों को ही हो रहा है.
'आयुष्मान भारत योजना' ने देश के करोड़ों गरीबों को और गरीब होने से बचाया है, उनके 80 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचाए हैं.
'जनधन-आधार-मोबाइल' से फर्जी लाभार्थियों को हटाने से लेकर 'वन नेशन वन राशन कार्ड' तक, एक बहुत बड़ा स्थाई सुधार हमने किया है. बीते वर्षों में डीबीटी के रूप में, डिजिटल इंडिया के रूप में, एक स्थाई और पारदर्शी व्यवस्था देश ने तैयार की है.
मेरी सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आकांक्षा को जगाया है. ये वही वर्ग है जो विकास के लाभ से सबसे अधिक वंचित था. अब जब मूल सुविधाएं इस वर्ग तक पहुंच रही हैं, तब ये लोग नए सपने देखने में सक्षम हो पा रहे हैं.
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाली बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री शेयर करने वाले ट्वीट ब्लॉक करने का आदेश दिया है. बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के YouTube के लिंक जिन ट्वीट के जरिए शेयर किए गए हैं उनको भी ब्लॉक कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं.
सूत्रों के अनुसार सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आदेश दिया है कि, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के पहले एपिसोड के YouTube पर शेयर किए गए सभी वीडियो को ब्लॉक किया जाए. ट्विटर को बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री "इंडिया: द मोदी क्वेश्चन" के यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से अधिक ट्वीट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है.
सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को सूचना एवं प्रसारण सचिव की ओर से IT नियम, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए निर्देश जारी किए गए थे. YouTube और Twitter दोनों ने इन निर्देशों का अनुपालन किया है.
बताया जा रहा है कि यूट्यूब ने भी वीडियो को फिर से अपने प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने पर ब्लॉक करने का निर्देश दिया है. ट्विटर ने भी अन्य प्लेटफॉर्म पर वीडियो के लिंक वाले ट्वीट्स की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने का निर्देश दिया है.
विश्वसनीय सूत्रों ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्रालय सहित गृह और सूचना प्रसारण मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट्री की जांच की और पाया कि यह फिल्म आक्षेप लगाने का प्रयास है. यह देश के सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार और विश्वसनीयता पर आक्षेप लगाने वाली है. यह विभिन्न भारतीय समुदायों के बीच विभाजन करने वाली और भारत में विदेशी सरकारों के कार्यों के बारे में निराधार आरोप लगाने वाली है.
नई दिल्ली: राजस्थान के भीलवाड़ा में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए. इस मौके पर पीएम ने कहा कि यहां कोई PM नहीं आया, मैं पूरे भक्ति भाव से एक यात्री के रूप में आशीर्वाद लेने आया हूं. अभी मुझे यज्ञशाला में पूर्ण आहुति देने का सौभाग्य मिला जो कि मेरे लिए ये भी सौभाग्य का विषय है कि मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को आज आपके बीच आकर भगवान देवनारायण का आशिर्वाद लेने का पुण्य मिला.
इसी के साथ पीएम ने कहा कि भारत सिर्फ एक भूभाग नहीं है, बल्कि हमारी सभ्यता की, संस्कृति की, सद्भावना की, संभावना की एक अभिव्यक्ति है. दुनिया की अनेक सभ्यताएं समय के साथ समाप्त हो गईं, परिवर्तनों के साथ खुद को ढाल नहीं पाईं. भारत को भी भौगेलिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक रूप से तोड़ने के बहुत प्रयास हुए. लेकिन भारत को कोई भी ताकत समाप्त नहीं कर पाई.
बीते 8-9 वर्षों से देश समाज के हर उस वर्ग को सशक्त करने का प्रयास कर रहा है, जो उपेक्षित रहा है, वंचित रहा है. भगवान देवनारायण ने जो रास्ता दिखाया है, वो सबके साथ से सबके विकास का है. आज देश इसी रास्ते पर चल रहा है. पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मैंने लाल किले से पंच प्राणों पर चलने का आग्रह किया था., उद्देशय यही है कि हम सभी अपनी विरासत पर गर्व करें, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलें और देश के लिए अपने कर्तव्यों के याद रखें.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है. पीएम मोदी ने हाल में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र के बाद बीजेपी सांसदों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की. मीटिंग में पीएम ने सांसदों को सोशल मीडिया के महत्व और वर्तमान समय में आने वाले समय में डिजिटल उपस्थिति के बारे में समझाया.
बीजेपी के राज्यसभा में 92 सांसद हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को राज्यों के हिसाब से मिलने बुलाया था. उन्होंने सांसदों से कहा गया कि वे सोशल मीडिया पर अपनी फॉलोइंग बढ़ाने और मतदाताओं को जोड़े रखने के लिए जमीनी स्तर पर सख्ती से काम करें. लोगों को जोड़ने के लिए राज्यसभा से पार्टी के सांसदों पर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कहा गया है.
पीएम मोदी ने राज्यसभा सांसदों से कहा- 'आप पार्टी की ओर से दिए गए क्षेत्र की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी करें. आपके काम प्रोत्साहित करने वाले होने चाहिए. जिन्हें जो क्षेत्र सौंपा गया है, उसका नियमित दौरा करना फायदेमंद होगा. क्षेत्र में आपकी उपस्थिति स्थानीय लोगों के मन में दर्ज होनी चाहिए.'
सांसदों को दिए इन जगहों के दौरे के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से पूछा कि उन्होंने प्रधानमंत्री संग्रहालय, काशी और महाकाल गलियारे, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया या नहीं. पीएम ने कहा कि अगर सांसदों ने यहां का दौरा नहीं किया, तो करें और अपने क्षेत्र के लोगों को भी यहां जाने के लिए प्रोत्साहित करें. इन ऐतिहासिक स्थानों पर जनता के लिए यात्राओं का आयोजन करें.
G20 कार्यक्रमों में जनभागीदारी तय करें
भारत को दिसंबर 2022 में पूरे एक साल के लिए G20 की अध्यक्षता मिली है. इस एक साल में देश के 55 से अधिक शहरों में 600 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस मौके को देश का गौरव बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन कार्यक्रमों में आम लोगों को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करें