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वाराणसी (उप्र), 17 जून (भाषा) तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे हैं जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. भाजपा के एक पदाधिकारी ने सोमवार को बताया कि मोदी 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री देश के 9.60 करोड़ किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 17 वीं क़िस्त के तहत 20 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि अंतरित करेंगे.
मतदाताओं का आभार जताने काशी पहुंचेंगे पीएम मोदी
भाजपा की जिला इकाई के मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने क्षेत्र के मतदाताओं का आभार जताने मंगलवार को काशी आ रहे हैं. मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मंगलवार की शाम को बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे जहां से वह हेलीकॉप्टर से मिर्जामुराद के मेंहदीगंज में किसान संवाद कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे. वहां किसानों को संबोधित करने के साथ ही वह देश के 9.60 करोड़ किसानों के खाते में डीबीटी के तहत 20 हजार करोड़ से ज्यादा की 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' की 17वीं किस्त जारी करेंगे.
किसानों को देंगे बड़ी सौगात
उन्होंने बताया कि मोदी कृषि सखियों के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त स्वयं सहायता समूह के 30 हजार से ज्यादा सदस्यों को सर्टिफिकेट देंगे और काशी से 'डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड' (केकेसी) की शुरूआत करेंगे. प्रधानमंत्री ना केवल किसानों से संवाद करेंगे बल्कि उनके उगाए उत्पादों को देखने स्टॉल पर जाएंगे और 21 प्रगतिशील किसानों से मुलाकात भी करेंगे.
काल भैरव और काशी विश्वनाश मंदिर के भी करेंगे दर्शन
मिश्रा ने बताया कि किसान सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर एवं गंगा घाट जाएंगे. प्रधानमंत्री के काशी दौरे के दौरान काशी की जनता और भाजपा के नेता और कार्यकर्ता रास्ते में जगह-जगह ढोल नगाड़ों और गुलाब की पंखुड़ियों से प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत करेंगे. हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में मोदी ने वाराणसी संसदीय सीट से हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार जीत हासिल की है.
नई दिल्ली- मोदी सरकार के रविवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद सोमवार को 71 मंत्रियों को मंत्रालय आवंटित कर दिए गए हैं. गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर गृह मंत्रालय संभालेंगे तो राजनाथ सिंह को एक बार फिर रक्षा मंत्रालय मिला है. इसके साथ ही विदेश मंत्री की भूमिका में एक बार फिर पीएम मोदी ने एस जयशंकर पर विश्वास जताया है.
केंद्रीय मंत्री: अमित शाह, रक्षा मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: राजनाथ सिंह, विदेश मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: एस जयशंकर, वित्त मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: नितिन गडकरी, राज्य मंत्री: अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा, युवा मामले और खेल मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: चिराग पासवान, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: चिराग पासवान, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: शिवराज सिंह चौहान, पंचायती राज मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: शिवराज सिंह चौहान, पर्यटन मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: गजेंद्र सिंह शेखावत, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: अश्विनी वैष्णव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: किंजरापु राममोहन नायडू, मानव संसाधन विकास मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: धर्मेंद्र प्रधान, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: अन्नपूर्णा देवी, पर्यावरण और वन मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: भूपेन्द्र यादव, जल शक्ति मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: सीआर पाटिल, संसदीय कार्य मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: किरेन रिजिजू , भारी उद्योग मंत्रालय- केंद्रीय मंत्री: एचडी कुमारस्वामी, इस्पात मंत्रालय - केंद्रीय मंत्री: एचडी कुमारस्वामी
नई दिल्ली:
देश में 18वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे करीब-करीब साफ हो गए हैं. 542 सीटों की काउंटिंग पूरी हो गई है. केंद्र में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनने जा रही है. लेकिन इस बार BJP बहुमत से दूर है, लिहाजा उसे गठबंधन के सहयोगियों पर निर्भर रहना होगा. नतीजों के मुताबिक, NDA को 291 सीटों पर जीत मिली. जबकि विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA (INDIA Alliance) को 234 सीटें मिल रही हैं. 2014 में BJP को 278 और 2019 में 303 सीटें मिली थीं. वहीं, नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम बनने वाले दूसरे नेता होंगे. NDA बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. उसने अपने घटकदलों की बुधवार को बैठक बुलाई है. पीएम ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार और टीडीपी (TDP) नेता चंद्रबाबू नायडू को फोन कर बैठक के लिए बुलाया है.
चूंकि BJP लोकसभा चुनाव में बहुमत के लिए 272 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है. NDTV के एडिटर इन चीफ संजय पुगलिया ने समझाया कि BJP को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में मोदी सरकार का थर्ड टर्म 2014 और 2019 के मुकाबले कितना अलग होगा:-
कितना अलग होगा मोदी सरकार का थर्ड टर्म?
ऐसी स्थिति में वक्त के मुताबिक और समय की मांग के हिसाब से कोई भी अच्छा राजनेता लचीलेपन का परिचय देगा. क्योंकि जब आप बड़े लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं, और आपको सरकार चलानी है तो आपको सोच कुछ बदलनी होगा. आपको देश की मांग को समझना होगा. इस बार देश की मांग निरंतरता और स्थायित्व है. इसके लिए गठबंधन सरकार के लीडर को सहयोगियों को साथ में लेकर चलना और उन्हें मैनेज करना दोनों आना चाहिए. इस केस में NDA की एक हिस्ट्री रही है. पीएम मोदी की भी एक हिस्ट्री रही है. कुछ लोग तर्क देते हैं कि सिंपल मैजॉरिटी नहीं मिलने पर BJP की निर्भरता NDA के सहयोगियों पर बढ़ गई है, इससे सरकार का स्वरूप बदल जाएगा. वास्तव में देखा जाए, तो ऐसा नहीं है. अगर आपकी नियत साफ है और जज्बा साफ है तो आप ऐसी सरकार चला लेंगे. क्योंकि ये तीसरी बार केंद्र में नरेंद्र मोदी को लाने का जनादेश है. INDIA की सरकार बनाने का जनादेश नहीं है.
ऐतिहासिक चुनाव का ऐतिहासिक जनादेश
भारत का लोकसभा चुनाव दुनिया के इतिहास में, लोकतांत्रिक देश के इतिहास में सबसे अहम चुनाव है. ये चुनाव ऐतिहासिक ही निकला है. इसका जनादेश भी ऐतिहासिक है. जो नंबर आए हैं, उसका कोल्ड एनालिसिस करें तो समझेंगे कि BJP और NDA की सरकार लौट रही है. मोदी सरकार की ये हैट्रिक है. केंद्र में तीसरी बार नरेंद्र मोदी की सरकार बनने जा रही है. इस चुनाव में सबसे बड़ा मैसेज इतिहास बनाना है. देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद ये पहली बार है, जहां एक स्पष्ट बहुमत के साथ किसी सरकार की वापसी हो रही है. इसमें नरेंद्र मोदी की रणनीति किस तरह से काम आई, इसे भी समझने की जरूरत है.
JDS, नीतीश कुनार और नायडू के आने से फायदा
इसमें चुनाव के आखिरी दिनों का जिक्र भी जरूरी है. चुनाव के आखिरी दिनों में BJP JDS को लेकर आई. नीतीश कुमार को लेकर आई. चंद्रबाबू नायडू को लेकर आई. NDA में जो 3 नए सहयोगी आए, उसके नतीजे इलेक्शन रिजल्ट के तौर पर सामने है. इससे ये पता चलता है कि ग्राउंड रियालिटी, फील्ड वर्क और स्ट्रैटजी के आधार पर BJP कितने लचीलेपन के साथ खुद को मैनेज कर सकती है.
चुनाव नतीजे ने दिए ये 3 मैसेज
इस चुनाव के कई मैसेज हैं. पहला मैसेज- ये लोकसभा चुनाव बिल्कुल तीसरी बार की इंकमबेंसी का होने के बावजूद ऐसा स्पष्ट जनादेश कि हम सरकार को जारी रखना चाहते हैं. हम नीतियों को जारी रखना चाहते हैं. दूसरा-BJP की अब तक सिंगल और क्लियर मेजॉरिटी थी. उसके सामने एक गठबंधन सरकार के युग की शुरुआत हो गई है. इस तरह की सरकार 2014 के पहले तक देश में थी. तीसरा- गठबंधन सरकार के युग में दो लोग NDA की टेंप्रामेंट के साथ अच्छी तरह से कंफर्टेबल नजर आते हैं, वो हैं चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार. ये दोनों NDA के भरोसेमंद पार्टनर हैं. यानी मुलाकातों और फोन कॉल का दौर कुछ घंटों से ज्यादा चल नहीं पाएगा. इस चुनाव में एक बैलेंस का मैसेज भी है."
विपक्ष के लिए भी सीख
इस चुनाव में विपक्ष के लिए खास मैसेज है. हारी हुई बाज़ी को कैसे जीतना है, ये मोदी से सीखिए. जहां जीत सकते हैं, उसको कैसे हार जाए. लास्ट बैच में कैसे हाफ जाए... ये अपोजिशन से सीखिए. ये जनादेश देश की जनता ने दिया है. विपक्ष के विरोधाभासों, आलस्य के बावजूद, कंफ्यूजन के बावजूद, कमजोर नैरेटिव के बावजूद जनता का फैसला है. इस चुनाव में विपक्ष के लिए ये मैसेज है कि उन्हें थोड़ा आलस कम करना चाहिए था. समय रहते एक्टिव होना चाहिए था. एकजुट होना चाहिए था. कंफ्यूजन को दूर करके मजबूत नैरेटिव पर काम करना चाहिए था. अगर INDIA वाले समय रहते फैसले लेते, तो शायद नंबर कुछ और हो सकता था.
BJP ने ऐसे दी साइलेंट एंटी इंकमबेंसी को मात
पीएम मोदी अपनी नीतियों को लेकर हमेशा से फीडबैक लेते रहे हैं. ऐसा करके वो जमीनी हकीकत को समझते हुए आगे काम करना चाहते हैं. आप कल्पना करिए अगर ये तीन सहयोगी साथ नहीं होते, BJP की परिस्थिति और इस जनादेश का आउटकम कुछ और होता. गौर करने वाली बात ये भी है कि BJP हमेशा एक नए क्षेत्र की पहचान करती है और वहां काम करके उसे अपना बनाने की कोशिश करती है. ओडिशा में कुछ ऐसा ही हुआ. यहां विधानसभा चुनाव में BJP को पूर्ण बहुमत मिला है. BJP पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है. यानी फीडबैक, सोची-समझी रणनीति और जुझारूपन से BJP ने इस साइलेंट एंटी इंकमबेंसी को मात दी.
नई दिल्ली: दिल्ली में देश भर की प्रमुख हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है. न्यायव्यवस्था, राजनीति, खेल, सिनेमा और कई क्षेत्रों के दिग्गज आज पीएम मोदी के शपथग्रहण समारोह में मौजूद रहे. प्रधानमंत्री ने तीसरी बार शपथ लेकर इतिहास रचा. साउथ के सूपस्टार राजनीकांत से लेकर बॉलीवुड के किंग शाहरुख भी मौजूद रहे.
तीसरी बार शपथ लेके फिर एक बार भारत के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी.
प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत माता हीराबेन मोदी का चित्र देखने को मिला. आज तीसरी बार शपथ लेते वक्त नरेंद्र मोदी के साथ उनकी माता नहीं है.
शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत.
कांग्रेस शपथग्रहण समारोह में शामिल
इसबार शपथग्रहण में विरोधी दल कांग्रेस ने भी भाग लिया. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस समारोह में शामिल हुए.
शाहरुख हुए शपथग्रहण समारोह में शामिल.
मुस्कुरातें हुए शपथग्रहण समारोह में आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.
प्रधानमंत्री मोदी को शपथ लेते हुए देखने के लिए कंगना रनौत भी शामिल हुई.
एनडीए सरकार का तीसरा शपथग्रहण समारोह को आशीर्वाद देने के लिए धर्मगुरु स्वामी रामभद्राचार्य भी आए.
इस बार पीएम मोदी की मंत्री लिस्ट से बाहर हुए अनुराग ठाकुर भी शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे.
शपथग्रहण समारोह में अलग रूप में दिखे ज्योतिरादित्य सिंधिया
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के परिणाम बीजेपी के लिए चौंकानेवाले हैं. वहीं, इससे इंडिया गठबंधन के नेताओं के चेहरों पर खुशी नजर आ रही है. भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 296 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' 227 सीटों पर आगे है. इसके साथ ही यह संकेत भी मिल रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर देश की बागडोर संभाल सकते हैं और उनका सामना एक मजबूत विपक्ष से हो सकता है. अब तक के रुझानों के मुताबिक, भाजपा 542 सीटों में से 236 पर आगे है, जबकि कांग्रेस ने 97 पर बढ़त बना रखी है. इन रुझानों के अनुसार भाजपा को काफी नुकसान होता दिख रहा है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ने अपने दम पर 303 सीटों पर जीत दर्ज की थी. कांग्रेस इस चुनाव में 52 सीटों पर सिमट गई थी. उसे इस चुनाव में खासी बढ़त मिलने के संकेत मिल रहे हैं. अगर नतीजे कमोबेश रुझानों के अनुरूप रहते हैं, तो लोकसभा में राजग पहले के मुकाबले कमजोर स्थिति में रहेगा, जबकि विपक्ष अब मजबूत भूमिका में दिख सकता है.