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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भविष्यवाणी की है. अरविंद केजरीवाल ने एनडीटीवी के टाउनहॉल में एक कागज पर लिखा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हिस्से में पांच से भी कम सीटें आएंगी.
साथ ही केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में आम आदमी पार्टी सरकार बनाने जा रही है.
जब उनसे भाजपा को लेकर सवाल पूछा गया तो केजरीवाल ने कहा, "बाकि की भविष्यवाणियां किसी और दिन की जाएंगी."
अरविंद केजरीवाल ने एनडीटीवी के टाउनहॉल में भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाने साधे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ कांग्रेस उम्मीदवारों को भी फंड दे रही है. बीजेपी और कांग्रेस में पति-पत्नी/भाई-बहन का रिश्ता है. इसलिए ये लड़ाई आप बनाम भाजपा-कांग्रेस की है. बीजेपी ने गुजरात के सभी टीवी चैनलों को धमकी दी है कि वे AAP के किसी नेता को अपने डिबेट शो में न बुलाएं.
गुजरात की 182 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को मतदान होंगे. चुनाव के परिणामों का ऐलान हिमाचल प्रदेश के साथ 8 दिसंबर को किया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पूर्व टीवी एंकर इसुदान गढ़वी को आम आदमी पार्टी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था. आम आदमी पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए गुजरात के लोगों से राय मांगी थी.
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. 182 सीटों वाली विधानसभा का चुनाव दो चरणों में होगा. पहले चरण के तहत 1 दिसंबर और दूसरे चरण के तहत 5 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. वहीं, नतीजों का ऐलान हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम के साथ 8 दिसंबर को किया जाएगा.
गुजरात में वर्तमान में कुल 4.90 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 2.53 करोड़ पुरुष, 2.37 करोड़ महिला और 1,417 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. 3.24 लाख नए वोटर हैं. मतदान के लिए कुल 51,782 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, 182 मॉडल पोलिंग स्टेशन होंगे. 50 फीसदी मतदान केंद्रों का लाइव प्रसारण किया जाएगा. 33 पोलिंग बूथों पर युवा पोलिंग टीम होगी.
गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है. गुजरात में कुल 182 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 92 है. 182 में से 13 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हैं, तथा 27 विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखी गई हैं.
2017 में किसे मिली थी कितनी सीटें
गुजरात की 14वीं विधानसभा के लिए वर्ष 2017 में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 99 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, और वर्ष 1995 से सत्ता में बैठी पार्टी को नई सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं आई थी. उस समय राज्य में प्रमुख विपक्षी कांग्रेस को भी 77 सीटों पर जीत मिली थी, तथा अन्य के खाते में छह सीटें गई थीं. आज की तारीख में गुजरात विधानसभा में BJP के 111 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस सदस्यों की तादाद 62 रह गई है. दो सीटों पर BTP के विधायक हैं, तथा एक सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और एक सीट पर निर्दलीय विधायक का कब्ज़ा है. राज्य में पांच विधानसभा सीटें रिक्त हैं.
हिमाचल के साथ नतीजों का ऐलान
गुजरात से पहले हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का ऐलान किया गया था. हिमाचल में एक ही चरण में 12 नवंबर को चुनाव होंगे और मतगणना आठ दिसंबर को की जाएगी. साल 2017 में भी दोनों राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर चुनाव की घोषणा की गई थी, लेकिन मतगणना 18 दिसंबर को एक साथ हुई थी. इस बार भी 8 दिसंबर को परिणामों का ऐलान किया जाएगा.
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अलवर में कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि, ''उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. केसी वेणुगोपाल ने पार्टी में सभी से इस तरह की कोई भी टिप्पणी नहीं करने को कहा है. हम चाहते हैं कि सभी अनुशासन का पालन करें. सचिन पायलट ने पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा अशोक गहलोत की तारीफ किए जाने पर सवाल उठाया है.''
राजस्थान के कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने कहा था कि"...मुझे पीएम मोदी की ओर से (कल सीएम गहलोत) की तारीफ करना बहुत दिलचस्प लग रहा है. पीएम ने संसद में गुलाम नबी आजाद की भी इसी तरह प्रशंसा की थी. हमने देखा कि उसके बाद क्या हुआ. यह कल हुई एक दिलचस्प घटना है, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए..."
राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में आंतरिक विवाद समाप्त नहीं हो रहा है. सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफदार विधायकों पर वार करते हुए उन्हें सजा देने की मांग भी की है. सचिन पायलट ने कहा कि नए कांग्रेस अध्यक्ष को राजस्थान के 'बागी' विधायकों' को सज़ा देनी चाहिए. सचिन पायलट ने आज एनडीटीवी से बातचीत में कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा “कांग्रेस एक पुरानी पार्टी है, जिसमें सभी के लिए समान नियम हैं, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो. मुझे यकीन है कि नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कार्रवाई करेंगे. यह उल्लेख करते हुए कि राज्य में 13 महीने में मतदान होने हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि "राजस्थान की स्थिति" पर भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा.
गौरतलब है कि, गहलोत के वफादार नेताओं को 25 सितंबर को जयपुर में मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर कांग्रेस विधायक दल (CLP) के विधायकों की समानांतर बैठक करने के बाद नोटिस जारी किए गए थे. यह नोटिस, पर्यवेक्षक बनकर आए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे की रिपोर्ट के बाद जारी किए गए थे.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में खडे होने की घोषणा के बाद उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई थी. गहलोत के वफादार विधायक चाहते थे कि अगर गहलोत को बदलना पड़ा तो जिन 102 विधायकों ने जुलाई 2020 में संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था उनमें से किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री चुना जाए.
श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के केंद्र शासित प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की घोषणा करने की उम्मीद है. शाह आज जम्मू पहुंचने वाले हैं. दौरे के दौरान वे मंगलवार और बुधवार को राजौरी और बारामूला में दो रैलियों को संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में पहाड़ी समुदाय के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
बता दें कि पहाड़ियों को एसटी का दर्जा देने की संभावना ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर एक राजनीतिक विवाद और मतभेद को जन्म दिया है.
नेशनल कांफ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ने आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर के लोगों से केंद्रीय गृह मंत्री की रैली में शामिल होने की अपील की है. दो बार नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक कफील उर रहमान ने कहा, "समुदाय पहले आता है. राजनीति बाद में. हम सभी को रैली में शामिल होना चाहिए और अपनी सामूहिक ताकत दिखानी चाहिए. अगर हम आज एसटी का दर्जा हासिल नहीं करते हैं, तो हम इसे कभी नहीं पाएंगे."
नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि उन्हें रहमान के बयान की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से यह पार्टी की स्थिति नहीं है. मैं उनके बयान की जांच करूंगा और आपसे संपर्क करूंगा."