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नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी और गृहमंत्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हूं.'
आज ही उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है, उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा था, 'आज जब पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनीतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूं.' आरपीएन सिंह ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा था.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आरपीएन सिंह का इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है. पूर्वी यूपी के कुशीनगर से ताल्लुक रखने वाले आरपीएन सिंह राज्य में कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक थे और सोमवार को जारी की गई पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम था. बताया जा रहा है कि भाजपा उन्हें उनके गढ़ पडरौना विधानसभा सीट से चुनाव लड़वा सकती है, जहां से सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को उतारा है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने हालही योगी कैबिनेट छोड़कर सपा का दामन थामा है.
आरपीएन सिंह पडरौना सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं. वह साल 2009 में कुशीनगर से सांसद चुने गए लेकिन 2014 में हार गए. स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछले दो विधानसभा चुनाव में पडरौना सीट से जीत हासिल की है, पहले मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पार्टी से और दूसरी बार भाजपा के टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा था. 2009 के लोकसभा चुनाव में आरपीएन सिंह ने स्वामी प्रसाद मौर्य को हराया था.
इससे पहले उन्होंने अपने टि्वटर बायो से कांग्रेस का नाम हटा दिया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह झारखंड कांग्रेस प्रभारी थे. अब उनका टि्वटर बायो 'My motto India, First, Always' है.
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने सहयोगियों को उत्तर प्रदेश चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे.
पिछले साल जितिन प्रसाद के बाद कांग्रेस को यह दूसरा बड़ा झटका है. जितिन प्रसाद ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी, जिसके बाद उन्हें योगी कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक अहम घोषणा की है. अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह मैनपुरी की करहल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो आईटी (IT) सेक्टर में आने वाले समय में 22 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा. वहीं समाजवादी नेता राम गोपाल यादव ने घोषणा की कि अखिलेश यादव "रिकॉर्ड" वोटों से जीतेंगे.
बता दें कि चुनाव लड़ने को लेकर अखिलेश ने बीते दिनों कहा था कि अगर पार्टी चाहती है, तो मैं चुनाव लड़ूंगा. इसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि वह इस बार विधानसभा चुनाव के लिए बतौर प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश करेंगे. अखिलेश ने जिस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, उसे सपा का गढ़ माना जाता है.
करहल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का काफी दबदबा रहा है. यह सीट सपा की सुरक्षित सीट कही जाती है. यहां 1993 से लगातार सपा यहां जीती है. केवल एक बार 2002-2007 में ये सीट बीजेपी ने जीती थी. करहल सीट मैनपुरी जिले में आती है जो यादव परिवार का गढ़ रहा है. इस आंकड़े को देखते हुए सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव के जीत का दावा कर रहे हैं.
गौरतलब है कि यूपी में कुल 403 सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा. इन चरणों के तहत 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को वोटिंग होगी. 10 मार्च को नतीजे आएंगे. चुनाव से पहले बीजेपी के कई दिग्गज नेता पाला बदलकर हाल ही में समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लिए हैं. इनमें से एक वरिष्ठ ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी है.
नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को यूथ मेनिफेस्टो जारी किया. दोनों नेताओं ने इसे भर्ती विधान नाम दिया है. उनका कहना है कि इसे राज्य के युवाओं से बातचीत करके तैयार किया है.
यूथ मेनिफेस्टो की घोषणाएं
प्रियंका गांधी ने कहा है कि प्राथमिक विद्यालयों में डेढ़ लाख शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. डॉक्टरों के खाली पदों को भरा जाएगा.
20000 आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाली पड़े पदों को भरा जाएगा. संस्कृत के शिक्षक, उर्दू के शिक्षक, आशा आदि जितने भी पद अभी तक रिक्त हैं, उन्हें भरा जाएगा.
परीक्षार्थियों के लिए बस और रेल यात्रा मुफ्त होगी. जॉब कैलेंडर बनाया जाएगा. पेपर, ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क माफ करेंगे. विश्वविद्यालयों में फ्री wifi upgradation होगा.
प्रियंका गांधी ने कहा कि अच्छी शिक्षा जरूरी होती है. शिक्षा का बजट कम हुआ है, उसे बढ़ाएंगे. विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल होगा.
छात्रावासों को बेहतर किया जाएगा. रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. युवाओं के कौशल को निखारने पर फोकस रहेगा,
नशा छोड़वाने के लिए परामर्श कैंप लगेंगे. साथ ही हर साल यूथ फेस्टिवल लगेगा. इसमें युवाओं की भागेदारी बढ़ाने को लेकर जागरूक किया जाएगा
लोकल संस्कृति को प्रोत्साहन दिया जाएगा. खेलों के लिए अकादमी खोला जाएगा. जोन में कुशलता के आधार पर अकादमी बनेंगे. प्रयास ये है कि प्रचार में भी और भविष्य में नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक बातें करें.
स्टार्टअप के लिए 5,000 करोड़ रुपए का ‘सीड स्टार्टअप फंड', जिसमें 30 साल से कम उम्र के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार में बड़ी सेंधमारी की है. मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गईं. यूपी BJP के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी की मौजूदगी में उन्होंने भगवा दल का दामन थामा.
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की पत्नी हैं. बीजेपी ने अपर्णा यादव के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया है.
बीजेपी में आईं अर्पणा यादव ने कहा, "मैं हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित रही हूं." उन्होंने कहा, "मैं अब देश के लिए बेहतर करना चाहती हूं. मैं हमेशा भाजपा की योजनाओं से बहुत प्रभावित रही हूं. मैं पार्टी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी."
यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "हम आपका भाजपा परिवार में स्वागत करते हैं. हमें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मुलायम सिंह यादव की बहू होने के बावजूद उन्होंने (अपर्णा ने) अक्सर भाजपा के काम की सराहना की है."
पिछले कुछ दिनों से अपर्णा के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही थी. वह कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर चुकी हैं.
पिछड़ी जातियों के कई नेताओं के पार्टी से जाने के बाद बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश में यह बड़ा चुनावी कदम है. योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले तीन मंत्रियों ने हाल ही में सपा का दामन थामा था.