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पंजाब के मोहाली में पुलिस के खुफिया इकाई के मुख्यालय परिसर में सोमवार रात रॉकेट चालित ग्रेनेड विस्फोट मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ आज हुई उच्च स्तरीय बैठक में पंजाब के पुलिस महानिदेशक वी के भावरा ने इसकी जानकारी दी है.
पंजाब पुलिस के डीजीपी ने आज सुबह मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास पर बुलाई गई बैठक में मोहाली विस्फोट की घटना में की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया. मोहाली में खुफिया मुख्यालय पर सोमवार को हुए इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है.
इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. सीएम ने कहा, "पंजाब पुलिस मोहाली में हुए विस्फोट की जांच कर रही है. जिसने भी पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश की, उसे बख्शा नहीं जाएगा."
इस हमले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बयान आया है और उन्होंने इसे कायरतापूर्ण कृत्य बताते हुए कहा कि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि "मोहाली ब्लास्ट उन लोगों की कायराना हरकत है जो पंजाब की शांति भंग करना चाहते हैं. आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार उन लोगों के मंसूबे पूरे नहीं होने देगी. पंजाब के सब लोगों के साथ मिलके हर हालत में शांति क़ायम रखी जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलवाई जाएगी."
बता दें कि यह धमाका सोमवार की शाम करीब 7.45 बजे मोहाली के सेक्टर 77 स्थित कार्यालय में हुआ. विस्फोट के कारण इमारत की एक मंजिल की खिड़की के शीशे टूट गए. मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली. किसी नुकसान की सूचना नहीं है. वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर हैं और मामले की जांच की जा रही है. फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है.''
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब विधानसभा भवन (Assembly Building) के बाहर मुख्य द्वार और चारदिवारी पर खालिस्तानी झंडे बंधे नजर आए. इन झंडों पर खालिस्तान लिखा हुआ था. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने फौरन इन झंडों को मौके पर जाकर उतार दिया. पुलिस ने बताया कि यहां के स्थानीय लोगों ने अहले सुबह विधानसभा के मेन गेट पर काले झंडे लगने की सूचना दी थी. पुलिस ममाले की गहनता से जांच में जुटी है. इस विधानसभा परिसर में सिर्फ शीतकालीन सत्र की बैठकें होती हैं
धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विधानसभा भवन के बाहर मेन गेट पर खालिस्तानी झंडे नज़र आ रहे हैं . ये झंडे किसने लगाए हैं, इसकी जांच पड़ताल चल रही है. वहीं मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और SDM शिल्पी वेकटा भी मौके पर पहुंची.
विधानसभा की दीवारों पर भी खालिस्तान लिखा गया है. अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि ये झंडे किसने यहां पर लगाए हैं. फिलहाल पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर ये झंडे किसने और क्यों लगाए हैं?
कांगड़ा के एसपी खुशाल शर्मा ने ANI से कहा,: "यह आज देर रात या सुबह-सुबह हुआ होगा. हमने विधानसभा गेट से खालिस्तान के झंडे हटा दिए हैं. यह पंजाब के कुछ पर्यटकों का कार्य हो सकता है. हम केस दर्ज करने जा रहे हैं."
26 अप्रैल को जारी एक खुफिया अलर्ट में कहा गया था कि ऐसी घटना हो सकती है. अलर्ट में दावा किया गया था कि सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र जारी कर कहा था कि शिमला में भिंडरावाला और खालिस्तान का झंडा फहराया जाएगा.
बता दें कि इससे पहले, हिमाचल प्रदेश ने भिंडरावाले और खालिस्तानी झंडे ले जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था, इससे SFJ उत्तेजित हो गया था. संगठन ने घोषणा की थी कि वह 29 मार्च को खालिस्तानी झंडा फहराएगा लेकिन भारी सुरक्षा के कारण ऐसा नहीं कर सका.
राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि इस विधानसभा में केवल शीतकालीन सत्र ही होता है इसलिए यहां अधिक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता उसी दौरान रहती है.
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में हिंसा की घटनाओं के बाद लगाए गए कर्फ्यू को 6 मई तक बढ़ा दिया गया है. इसे लेकर जिला पुलिस कमिश्नर द्वारा एक आदेश जारी किया गया है. आदेश में कहा "जोधपुर कमिश्नरेट इलाके में 3 मई को लगाए गए कर्फ्यू (Curfew) को 6 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. रायकाबाग पैलेस बस स्टैंड और रायकाबाग रेलवे स्टेशन को कर्फ्यू से बाहर रखा गया है."
इसके साथ ही परीक्षा में बैठने वाले छात्रों और शिक्षकों को कर्फ्यू से छूट दी गई है. साथ ही चिकित्सा सेवाओं में लगे कर्मियों, बैंक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों और मीडियाकर्मियों को भी कर्फ्यू से छूट दी गई है. साथ ही आदेश में कहा है, "अखबारों के हॉकरों को भी अखबार बांटने की इजाजत होगी."
जोधपुर जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. जोधपुर के जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने कहा, "कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं."
फिलहाल जिले में स्थिति 'शांतिपूर्ण' है और जिले में ईद से कुछ घंटे पहले हुई हिंसा के सिलसिले में 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) हवा सिंह घूमरिया ने कहा, "फिलहाल हालात शांतिपूर्ण है. अब तक करीब 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 14 मामले दर्ज किए गए हैं. भाजपा नेताओं के साथ एक बैठक हुई और उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है."
मंगलवार को ईद से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर जोधपुर में तनाव बढ़ गया, जिससे अधिकारियों ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया और शहर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया. जोधपुर के जालोरी गेट सर्किल पर धार्मिक झंडे लगाने को लेकर बवाल हुआ. इस दौरान पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. राज्य के मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है.
मुंबई: महाराष्ट्रमहाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बावजूद कुछ इलाकों से मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा पाठ किया गया. मुंबई के कांदिवली में चारकोप में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने ठीक अजान के समय अपनी बिल्डिंग के टेरेस पर लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ चलाया. वहीं इस विवाद के बीच पुलिस ने CRPC 149 के तहत मनसे प्रमुख राज ठाकरे को नोटिस जारी किया है. संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 149 के तहत नोटिस जारी किये जाते हैं. संज्ञेय अपराध वे होते हैं, जिनमें पुलिस बिना वारंट के किसी को गिरफ्तार कर सकती है.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर बंद करवाने को लेकर एमएनएस नेता राज ठाकरे और सरकार के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. राज ठाकरे द्वारा अजान के विरोध में हनुमान चालीसा पढ़ें जाने की चेतावनी के बाद पुलिस की तरफ से महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के कार्यकर्ताओं को कई जगहों पर हिरासत में लिया गया है. जानकारी के अनुसार मनसे कार्यकर्ता नितिन नाइक, प्रवीण हंगे और शरद दिघे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के लिए मुश्किलें उस वक्त और बढ़ गईं, जब औरंगाबाद पुलिस ने दो दिन पहले मस्जिदों के ऊपर लाउडस्पीकर संबंधी उनके ‘‘भड़काऊ'' भाषण को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया. वहीं, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कहा कि इस मुद्दे पर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इससे संबंधित घटनाक्रम में, पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले की एक अदालत ने 14 साल पुराने एक मामले में राज ठाकरे के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जबकि मुंबई पुलिस ने उन्हें संज्ञेय अपराधों की रोकथाम से संबंधित सीआरपीसी की एक धारा के तहत नोटिस जारी किया है.
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए 3 मई की समयसीमा को लेकर मनसे अध्यक्ष को एक स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य अल्टीमेटम से नहीं चलता और यहां कानून का शासन है. हालांकि, मनसे के कुछ नेताओं ने चेतावनी दी कि मनसे प्रमुख के खिलाफ यदि आगे और कार्रवाई की गई तो वे सड़कों पर उतरेंगे. एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई से करीब 350 किलोमीटर दूर स्थित औरंगाबाद में पुलिस ने मंगलवार को राज ठाकरे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया, जिन्होंने 4 मई से मस्जिदों के ऊपर लाउडस्पीकर को ‘‘बंद'' करने का दो दिन पहले आह्वान किया था.
ठाकरे ने एक खुले पत्र में लोगों से कहा कि अगर वे ‘अजान' की आवाज से परेशान हों तो 100 नंबर डायल करके पुलिस में शिकायत करें. मनसे नेता ने कहा, ‘‘रोज शिकायत होनी चाहिए.'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी हिंदुओं से अपील करता हूं कि कल, यानी 4 मई को जहां-जहां लाउडस्पीकर पर अजान दी जाती है, वहां आप लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा लगाएं और लाउडस्पीकर से क्या तकलीफ होती है यह उन्हें भी समझने दें.'' एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने संज्ञेय अपराधों को रोकने से संबद्ध सीआरपीसी की धारा 149 के तहत मंगलवार शाम मनसे प्रमुख राज ठाकरे को नोटिस जारी किया.
शिवाजी पार्क पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि एहतियात के तौर पर यह नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे द्वारा एक खुला पत्र जारी किये जाने के बाद यह कदम उठाया गया है. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने मध्य मुंबई क्षेत्र के कई मनसे नेताओं सहित 300 से अधिक लोगों को सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की विभिन्न धाराओं के तहत एहतियाती नोटिस जारी किया है.
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रजनीश सेठ ने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे के कथित विवादित भाषण को लेकर औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे. सेठ ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त भाषण की जांच कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 13,000 से अधिक लोगों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 149 (संज्ञेय अपराधों को रोकना) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, डीजीपी सेठ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मनसे प्रमुख की धमकी की पृष्ठभूमि में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. सेठ ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र पुलिस किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने में सक्षम है. राज्य में एसआरपीएफ और होमगार्ड तैनात किए गए हैं.''डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
सहायक लोक अभियोजक ज्योति पाटिल ने कहा कि न्यायाधीश ने राज ठाकरे और एक अन्य मनसे नेता शिरीष पारकर के खिलाफ क्रमशः मुंबई पुलिस आयुक्त और खेरवाड़ी पुलिस थाने के माध्यम से वारंट जारी किया, क्योंकि वह मामले की कार्यवाही के दौरान अदालत के में पेश होने में विफल रहे. उन्होंने कहा कि अदालत ने पुलिस से आठ जून से पहले वारंट की तामील करने और दोनों नेताओं को अदालत में पेश करने को कहा है.
मनसे के ठाणे जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना की. जाधव ने दावा किया कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने सबसे पहले मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की थी, लेकिन उनके बेटे (मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे) ने इसी तरह की मांग करने के लिए राज ठाकरे पर मामला दर्ज किया है.
मस्जिदों पर लाउडस्पीकर के संबंध में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के भाषण को लेकर उनके खिलाफ औरंगाबाद पुलिस द्वारा मंगलवार को मामला दर्ज किये जाने के बीच पार्टी के कुछ नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि वे अपने पार्टी प्रमुख के खिलाफ आगे और कार्रवाई होने की स्थिति में सड़कों पर उतरेंगे.