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नई दिल्ली : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को कोर्ट ने 9 जून तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. अदालत ने इसके साथ ही उन्हें हिरासत में घर का खाना उपलब्ध कराने को निर्देश दिया है. हालांकि हिरासत के दौरान रोजाना मंदिर जाने के सत्येंद्र जैन के अनुरोध को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इस बीच, अपने मंत्री की गिरफ्तारी पर आज प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये बिल्कुल फर्जी केस है. हमारी बिल्कुल कट्टर ईमानदार सरकार है. ये कट्टर ईमानदार पार्टी है. हम एक पैसे का भी भ्रष्टाचार न करते हैं और न ही बर्दाश्त करते हैं. गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मनी लांड्रिंग मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया था.
'आप' के मंत्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर से उपजा है.ईडी की जांच में पाया गया कि 2015-16 की अवधि के दौरान जब सत्येंद्र जैन एक लोक सेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला मार्ग के माध्यम से कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों (Shell Companies) से 4.81 करोड़ रुपये की स्थानीय एंट्री प्राप्त हुईं. ईडी ने उल्लेख किया है कि इस रकम का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद हेतु लिए गए ऋण की अदायगी के लिए किया गया था.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जैन और उनके परिवार के खिलाफ अगस्त 2017 में कथित तौर पर 1.62 करोड़ रुपये तक की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने आरोप लगाया कि जैन और उनके परिवार ने 2011-12 में 11.78 करोड़ रुपए और 2015-16 में रुपए 4.63 करोड़ के शोधन के लिए चार शेल फर्म बनाई थी. प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू की थी. जैन की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री और 'आप' नेता मनीष सिसोदिया ने कल तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि 'सत्येंद्र जैन के खिलाफ आठ साल से फर्जी केस चलाया जा रहा है. अभी तक कई बार ED बुला चुकी है. बीच में कई साल ED ने बुलाना भी बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें कुछ मिला ही नहीं. अब फिर शुरू कर दिया क्योंकि जैन हिमाचल के इलेक्शन इंचार्ज हैं.' उन्होंने कहा था कि हिमाचल में भाजपा बुरी तरह से हार रही है, इसीलिए सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया गया है ताकि वो हिमाचल न जा सकें. वे कुछ दिनों में छूट जाएँगे क्योंकि केस बिलकुल फ़र्ज़ी है.'
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अब सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों को खोजने का काम सख्ती से चल रहा है. पहले राशन कार्ड वापसी वालों की भीड़ लगी, अब किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों को नोटिस दिया जा रहा है. इस क्रम में बुंदेलखंड के चित्रकूट मंडल में करीब 9000 से ज्यादा किसानों से अब 3 करोड़ से अधिक पैसा वसूला जाएगा.
क्यों किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों से पैसा वसूला जा रहा है?
बता दें कि केंद्र सरकार ने आयकर दाताओं की लिस्ट भेजी है, जिसमें अपात्र किसानों की आमदनी ढ़ाई लाख से ज्यादा बताई गई है. हालांकि किसानों की शिकायत है कि उनको पता ही नहीं है कि वसूली का नोटिस क्यों भेजा जा रहा है. किसानों का कहना है कि तीन साल बाद सरकार को याद आया है कि हम अपात्र हैं. अब रिकवरी का पैसा कहां से देंगे.
लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. आरएलडी चीफ़ जयंत चौधरी सपा और रालोद के संयुक्त राज्यसभा प्रत्याशी होंगे. आज सुबह अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को फ़ोन करके ये जानकारी दी. दरअसल जयंत चौधरी राज्यसभा न भेजे जाने से ख़फ़ा थे. चर्चा थी कि डिंपल यादव को राज्यसभा भेजा जाएगा. इसपर जयंत चौधरी ने नाराज़गी जताई थी. जिसके चलते सपा ने अपना निर्णय बदला लिया और डिंपल यादव की जगह जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया.
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई है. इस चुनाव के लिए मतदान आगामी 10 जून को होगा. प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सपा के 111 सदस्य हैं और वह तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है. जिनमें से जयंत चौधरी एक हैं. वहीं समाजवादी पार्टी ने कल पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को निर्दलीय के तौर पर राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है. सिब्बल का सपा ने समर्थन किया है. इसपर कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा था, "मैंने 16 मई को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था." संसद में एक स्वतंत्र आवाज होना जरूरी है. अगर एक स्वतंत्र आवाज बोलती है तो लोगों को पता चलेगा कि ये किसी राजनीतिक दल से नहीं है.
गौरतलब है कि सिब्बल को सपा की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें मंगलवार से ही लगाई जा रही थीं. हालांकि पार्टी ने इसकी पुष्टि नहीं की थी. सिब्बल ने, भ्रष्टाचार तथा अनेक अन्य आरोपों में लगभग 27 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहे सपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आजम खां को उच्चतम न्यायालय से जमानत दिलवाने में उनके वकील के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
पटना: बिहार में जातिगत जनगणना कराने को लेकर होने वाली सर्वदलीय बैठक एक जून को आयोजित की जाएगी. इसकी पुष्टि संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सभी दलों के सहमति के बाद की है. इस बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में किया जाएगा. चौधरी के अनुसार इस बैठक के बाद कैबिनेट में इस सम्बंध में प्रस्ताव लाया जाएगा. बता दें कि पिछले साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय शिष्टमंडल की मुलाकात के पूर्व एक सर्वदलीय बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयोजित की गई थी.
नीतीश कुमार ने दे दिए थे संकेत
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि वे अब जातिगत जनगणना कराने को लेकर होने वाली सर्वदलीय बैठक कराने में देर नहीं करेंगे. सीएम नीतीश ने कहा था, "जातिगत जनगणना को लेकर सभी के विचार जानने के मकसद से हम एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे. इसके बाद वह प्रस्ताव राज्य कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा. हमने यह बैठक 27 मई को आयोजित करने को लेकर कुछ पार्टियों से बात की है, लेकिन फिलहाल कुछ पार्टियों के जवाब का इंतज़ार है. अंतिम निर्णय हो जाने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट के पास जाएगा, और फिर हम काम शुरू कर देंगे."
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बैठक 27 मई को हो सकती है. लेकिन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि बैठक एक जून को होगी, जिसमें सभी पार्टियों के नेता रहेंगे.
जनगणना कराने को लेकर विपक्ष हमलावर
ध्यान देने वाली बात है कि राज्य में जातिगत जनगणना कराने की मांग लंबे समय से उठ रही है. मुख्यमंत्री खुद भी अपने खर्चे से राज्य में कास्ट बेस्ड सेंसस कराने की घोषणा कर चुके हैं. हालांकि, इस ओर कोई सक्रीय पहल नहीं की गई है, जिस वजह से विपक्ष हमालावर है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिना देर किए राज्य में जातिगत जनगणना कराने की मांग की है. वो और उनकी पार्टी इस संबंध में कोई दलील सुनने को तैयार नहीं है.