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ओमिक्रॉन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड महामारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की तो वहीं राज्य सरकारें भी ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए एहतियातन उपाय उठा रही हैं.....
नई दिल्ली : दुनिया के कई मुल्क ओमिक्रॉन के खतरे से जूझ रहे हैं. यूरोपीय देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोविड मामलों में अचानक जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे भारत में भी चिंता बढ़ गई है. यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकारें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुट गई हैं. ओमिक्रॉन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड महामारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की तो वहीं कई राज्यों की सरकारें भी ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए एहतियातन उपाय उठा रही हैं.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से सतर्क और सावधान रहने की जरूरत पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. पीएम मोदी ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक में महामारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह चौकस रहें और राज्यों के साथ मिलकर काम करें.
बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों में जिला स्तर पर भी स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती सुनिश्चित करें ताकि ओमिक्रॉन की चुनौतियों से निपटा जा सके. उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए यह सुनिश्चित करना अहम है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति वाले उपकरण सही तरीके से लग गए हों और वह अच्छे से काम कर रहे हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड-19 की तीसरी लहर की बढ़ती आशंका के मद्देनजर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग से चुनावी रैलियों पर रोक लगाने तथा चुनावों को टालने पर विचार करने का आग्रह किया है. न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने एक मामले में याचिकाकर्ता की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और तीसरी लहर आने की आशंका है.
मध्य प्रदेश सरकार ने एहतियात प्रदेश में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है. इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें. मुख्यमंत्री चौहान ने शाम को लोगों को एक संदेश में कहा, ‘‘ हम आज एक और फैसला कर रहे हैं कि रात्रि कालीन कर्फ्यू रात 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक लगेगा. अगर आवश्यकता पड़ी तो कुछ और उपाय हम जरूर करेंगे.''
कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए दिल्ली सरकार कई कदम उठा रही है जिसमें उपकरणों की खरीद, ऑक्सीजन भंडारण क्षमता में वृद्धि और दवाओं का सुरक्षित भंडार करना शामिल है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में, महामारी की स्थिति और वायरस के नए स्वरूप से उत्पन्न खतरे की समीक्षा की. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अस्पतालों में बेड भरने की दर कम है और शहर के अस्पतालों में 9,035 कोविड बिस्तरों में से 8,825 बेड खाली हैं. दिल्ली के अस्पतालों में 2,796 आईसीयू बेड्स में से मात्र 1.04 प्रतिशत भरे हैं और 1,382 वेंटिलेटर में से 0.94 प्रतिशत वेंटिलेटर पर ही मरीज हैं.
दिल्ली में सरकार अस्पतालों में मरीजों के लिए 37,000 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है और 31,695 बिस्तर लगाए जा चुके हैं। बच्चों के लिए 2,328 बिस्तर हैं और 10,594 आईसीयू बिस्तरों का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से 9,894 तैयार हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में कोरोना वायरस, टीकाकरण कार्यक्रम और ओमिक्रॉन के मामलों के उभरने से संबंधित वर्तमान स्थिति की समीक्षा की. राज्य में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के सात नए मामले सामने आए हैं. बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री को बताया गया कि कोरोना संक्रमितों का पता लगाने के लिए हर दिन लगभग 70,000 जांच की जा रही हैं. गुजरात की लगभग 85 प्रतिशत आबादी को अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की दोनों खुराक दी जा चुकी है और लगभग 95 प्रतिशत वयस्कों को पहली खुराक दी गई है.
ओमिक्रॉन की संक्रामकता के मद्देनजर देश में कोविड रोधी टीके की बूस्टर डोज देने की मांग भी उठ रही है. दुनिया के कई देशों में ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर बूस्टर डोज दी भी जा रही है.
उत्तराखंड में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप का पहला मामला सामने आने के एक दिन बाद मुख्य सचिव एस एस संधू ने स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की. देहरादून गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में ‘कोविड वार रूम' फिर से संचालित करने का फैसला भी किया गया है.
भारत में ओमिक्रॉन के 236 मामले सामने आ चुके हैं. हालांकि इनमें से 104 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं. ये मामले 16 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आए हैं.
नई दिल्ली: भारत में मंगलवार को कोरोना वायरस के पिछले 581 दिनों में सबसे कम मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 5,326 कोरोना संक्रमण के केस दर्ज किए गए हैं. कोरोना से ठीक होने वालों की बात करें तो इस दौरान 8,043 लोगों ने कोरोना को मात दी है, जिसके बाद कोरोना से ठीक होने वालों की कुल संख्या 3,41,95,060 पहुंच गई. भारत में रिकवरी रेट अभी 98.40% है, जो कि मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है. वहीं, सक्रिय मामलों की बात करें तो देश में अभी 79,097 लोगों का इलाज चल रहा है, यह आंकड़ा 574 दिनों में सबसे कम है.
वहीं, इस दौरान 453 मौत भी दर्ज की गई हैं. इसमें मौत का पुराना आंकड़ा भी शामिल किया किया गया है. टीकाकरण की बात करें तो पूरे देश में अब तक वैक्सीन की 138.35 डोज दी जा चुकी हैं. वहीं 66.61 करोड़ कोरोना टेस्ट किए गए हैं.
दूसरी ओर भारत में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन भी तेजी के साथ फैल रहा है. अब तक 12 राज्यों में कुल 200 मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से 77 मरीज ठीक भी हो गए. महाराष्ट्र में 54, दिल्ली में 54, तेलंगाना में 20, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15, गुजरात में 14, उत्तर प्रदेश में 2, आंध्र प्रदेश में 1, चंडीगढ़ में 1, तमिलनाडु में 1 और पश्चिम बंगाल में 1 मामला सामने आया है.
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भूटान (Bhutan) सरकार की ओर से अपने देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है. भूटान ने शुक्रवार को अपने राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नगदग पेल जी खोरलो' (Ngadag Pel Gi Khorlo) से सम्मानित करने का ऐलान किया है. भूटान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से फेसबुक और ट्विटर पर इस बात की जानकारी दी गई.
PM भूटान ने पीएम मोदी की भूटान यात्रा की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा कि 'भूटान के सबसे बड़े नागरिक सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित करने के फैसले से हम काफी खुश हैं. कोरोना महामारी के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान का काफी सहयोग और समर्थन किया है. बहुत योग्य! भूटान के लोगों की ओर से बधाई.
इन देशों ने भी किया है अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित
हाल की सालों में कई सारे देशों ने भी अपने यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित किया है .इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात, रूस, सऊदी अरब, अफगानिस्तान जैसे देश अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित कर चुके हैं.
पीएम मोदी द्वारा प्राप्त विदेशी नागरिक पुरस्कारों के नाम इस प्रकार हैं-
1.ऑर्डर ऑफ अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद (गैर-मुस्लिम गणमान्य व्यक्तियों को सऊदी अरब द्वारा दिए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान), 2016
2.स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान (अफगानिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान), 2016
3. ग्रैंड कॉलर ऑफ स्टेट ऑफ फ़िलिस्तीन (फ़िलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान जो कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है) , 2018
4. ऑर्डर ऑफ जायद अवार्ड (संयुक्त अरब अमीरात का सर्वोच्च नागरिक सम्मान), 2019
5. ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू अवार्ड (रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान), 2019
6. ऑर्डर ऑफ रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन (मालदीव का विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान), 2019
7. 'द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ़ द रेनेसां' ( खाड़ी देश द्वारा प्रथम श्रेणी एक शीर्ष सम्मान है), 2019
8. लीजन ऑफ मेरिट (संयुक्त राज्य सशस्त्र बलों का पुरस्कार जो उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के लिए दिया जाता है), 2020
संगठनों व फाउंडेशनों द्वारा पीएम मोदी को मिले पुरस्कार-
1.सियोल शांति पुरस्कार -2018
2. चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड (यूएन का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान) -2018
3. फिलिप कोटलर राष्ट्रपति पुरस्कार -2019
4.बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड, स्वच्छ भारत अभियान के लिए 2019
5. ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड- (कैम्ब्रिज एनर्जी रिसर्च एसोसिएट्स सीईआरए) - 2021
नई दिल्ली: भारत में मंगलवार को कोरोना वायरस के पिछले 581 दिनों में सबसे कम मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 5,326 कोरोना संक्रमण के केस दर्ज किए गए हैं. कोरोना से ठीक होने वालों की बात करें तो इस दौरान 8,043 लोगों ने कोरोना को मात दी है, जिसके बाद कोरोना से ठीक होने वालों की कुल संख्या 3,41,95,060 पहुंच गई. भारत में रिकवरी रेट अभी 98.40% है, जो कि मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है. वहीं, सक्रिय मामलों की बात करें तो देश में अभी 79,097 लोगों का इलाज चल रहा है, यह आंकड़ा 574 दिनों में सबसे कम है.
वहीं, इस दौरान 453 मौत भी दर्ज की गई हैं. इसमें मौत का पुराना आंकड़ा भी शामिल किया किया गया है. टीकाकरण की बात करें तो पूरे देश में अब तक वैक्सीन की 138.35 डोज दी जा चुकी हैं. वहीं 66.61 करोड़ कोरोना टेस्ट किए गए हैं.
दूसरी ओर भारत में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन भी तेजी के साथ फैल रहा है. अब तक 12 राज्यों में कुल 200 मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से 77 मरीज ठीक भी हो गए. महाराष्ट्र में 54, दिल्ली में 54, तेलंगाना में 20, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15, गुजरात में 14, उत्तर प्रदेश में 2, आंध्र प्रदेश में 1, चंडीगढ़ में 1, तमिलनाडु में 1 और पश्चिम बंगाल में 1 मामला सामने आया है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के संबंध में एक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर कदम उठा रही है. पीएम ने गुजरात के आणंद में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि 'यह भारत के किसान के लिए सम्मेलन है.' उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में कृषि से बदलाव आएगा.
पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दौरान किसानों के लिए किए काम गिनाते हुए कहा कि 'बीते 6-7 साल में बीज से लेकर बाज़ार तक, किसान की आय को बढ़ाने के लिए एक के बाद एक अनेक कदम उठाए गए हैं. मिट्टी की जांच से लेकर सैकड़ों नए बीज तक, पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी तक, सिंचाई के सशक्त नेटवर्क से लेकर किसान रेल तक, सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं.'
पीएम ने किसानों से कहा कि पुरानी भारतीय सभ्यता में किसानी पर काफी सूत्र दिए गए हैं और आज इन जड़ों की और लौटने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 'आज दुनिया जितना आधुनिक हो रही है, उतना ही ‘back to basic' की ओर बढ़ रही है. इस Back to basic का मतलब क्या है? इसका मतलब है अपनी जड़ों से जुड़ना! इस बात को आप सब किसान साथियों से बेहतर कौन समझता है? हम जितना जड़ों को सींचते हैं, उतना ही पौधे का विकास होता है; कृषि से जुड़े हमारे इस प्राचीन ज्ञान को हमें न सिर्फ फिर से सीखने की ज़रूरत है, बल्कि उसे आधुनिक समय के हिसाब से तराशने की भी ज़रूरत है. इस दिशा में हमें नए सिरे से शोध करने होंगे, प्राचीन ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक फ्रेम में ढालना होगा.'
पीएम ने ये भी कहा कि छोटे किसानों के लिए प्राकृतिक खेती काफी फायदेमंद होगी. उन्होंने कहा कि 'नैचुरल फार्मिंग से जिन्हें सबसे अधिक फायदा होगा, वो हैं देश के 80 प्रतिशत किसान. वो छोटे किसान, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है. इनमें से अधिकांश किसानों का काफी खर्च, केमिकल फर्टिलाइजर पर होता है. अगर वो प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ेंगे तो उनकी स्थिति और बेहतर होगी.'