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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
इंदौर 13 जून 2018 आध्यात्मिक गुरू भय्यू जी महाराज आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस को एक और सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें भैय्यू जी की पूरी संपत्ति उनके सेवादार और सबसे करीबी विनायक के नाम की है.
बताया जा रहा है कि विनायक पिछले 15 सालों से भय्यू जी महाराज के साथ रहता आया है. उसे भैय्यू जी का सबसे करीबी बताया जाता है. सुसाइड नोट के दूसरे पन्ने में भैय्यू जी ने अपने आश्रम, प्रॉपर्टी और वित्तीय शक्तियों की सारी जिम्मेदारी विनायक को दी है. सुसाइड नोट में भय्यूजी महाराज ने लिखा कि मैं विनायक पर ट्रस्ट करता हूं. इसलिए उसे ये सारी जिम्मेदारी देकर जा रहा हूं और ये मैं बिना किसी दबाव के लिख रहा हूं. जब भैय्यू जी ने खुद को गोली मारी तब विनायक भी घर पर मौजूद था. पुलिस ने भैय्यू जी की लाश के पास से सुसाइड नोट के अलावा रिवॉल्वर, मोबाइल, टैब, लैपटॉप, फोन सहित 7 गैजेट्स जब्त कर लिए हैं. परिवार और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है.
वहीं, डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि, “सुसाइड नोट में विनायक के बारे में ज़िक्र है. यह शख्स 15-16 सालों से उनकी देखरेख करते थे. उनके ही साथ रहते थे. उस तथ्य के बारे में भी पुलिस ज़रूर जांच करेगी. संभावना है कि वो इनके काफी करीब रहे होंगे भावनात्मक तौर पर इसलिए उनका नाम लिखा गया है.” जांच में यह भी सामने आया है कि घर में भय्यू महाराज, मां व सेवक विनायक और योगेश थे. पत्नी डॉ. आयुषी बाहर गई थीं. इसके अलावा दो सेवादार और थे जिन्हें सुबह 11 बजे उन्होंने नीचे भेज दिया था और पुणे में रहने वाली बेटी कुहू के कमरे में चले गए थे.
::/fulltext::रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसढ़ दौरे की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। पीएम मोदी 14 जून को छत्तीसगढ़ आएंगे। वे सुबह 10.30 बजे माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। पीएम के रायपुर दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम कर दिया गया है। पीएम की सुरक्षा के लिए माना विमानतल पर 100 से पुलिस जवान तैनात रहेंगे, इसके अलावा एसपीजी सहित मोदी के दौरे को लेकर विशेष सुरक्षा में कुल 500 जवान तैनात होंगे।
पीएम मोदी माना एयरपोर्ट से नया रायपुर में बने कंट्रोल रूम जाएंगे। इस दौरान वे नया रायपुर में बने सिटी कमांड सेंटर का उद्धाटन भी करेंगे।
::/fulltext::इंदौर 13 जून 2018: भय्यू महाराज की शख्सियत और उनका किरदार समाज के लिए मिसाल था, लेकिन अचानक उनकी मौत, अब मिस्ट्री में बदलती जा रही, सुसाइड से पहले के वीडियो और बेटी के आरोपों से सस्पैंस गहराने लगा है।भक्त इस वाक्या को साजिश करार दे रहे है। इसी बीच सुसाइड नोट से एक बड़ा खुलासा हुआ है कि भय्यूजी महाराज ने अपने मरने के बाद आश्रम और वित्तीय शक्तियों की जिम्मेदारी सेवादार विनायक को सौंपी। सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि उनके आश्रम और उससे जुड़ी सभी वित्तीय शक्तियां उनके वफादार सेवादार विनायक ही उठाएंगे। हालांकि भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के पीछे पारिवारिक कलह को वजह बताया जा रहा है। हालांकि इसके लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं बताया गया है.
पहली पत्नि के बच्चे और दूसरी पत्नी ने लगाया एक दूसरे पर आरोप….
भय्यू महाराज की पहली पत्नि माधवी की नवंबर 2015 में दिल के दौरे के कारण मौत हो गयी थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2017 में 49 साल की उम्र में मध्य प्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी शर्मा के साथ दूसरी शादी की थी। भय्यू महाराज के स्थानीय आश्रम में उनके नजदीक रहे लोगों का दावा है कि आध्यात्मिक संत की पहली पत्नि की युवा बेटी कुहू और उनकी दूसरी बीवी आयुषी के बीच जरा भी नहीं बनती थी। इन लोगों की मानें, तो कुहू और आयुषी के बीच विवाद के कारण कई बार अप्रिय स्थिति भी बनी जिससे भय्यू महाराज जाहिर तौर पर तनाव में रहते थे।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को करीब 11 बजे जब भय्यू महाराज बेटी कुहू के कमरे में पहुंचे तो वह अस्त-व्यस्त मिला. उन्होंने पत्नी आयुषी से कहा कि कुहू आने वाली है. इसे लेकर दोनों के बीच बहस भी हुई. इसके बाद भय्यू महाराज ने नौकरों से कमरा व्यवस्थित कराया. डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि घर में भय्यू महाराज, मां व सेवक विनायक और योगेश थे. पत्नी डॉ. आयुषी बाहर गई थीं. दो सेवादार और थे जिन्हें सुबह 11 बजे उन्होंने नीचे भेज दिया था और पुणे में रहने वाली बेटी कुहू के कमरे में चले गए थे. फिर जब पत्नी दोपहर करीब 12 बजे लौटीं तो देखा कि लाइसेंसी रिवॉल्वर भय्यू महाराज के हाथ के पास पड़ी थी और सिर से खून बह रहा था. उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई.
सीबीआई जांच की मांग
भय्यू महाराज की मौत को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे है। महाराज के भक्त इसे साजिश करार दे रहे है और इस वाक्या कि सीबीआई जांच की मांग कर रहे है। एक सवाल ये भी उठता है कि जब पूरा परिवार है तो सेवादार को आश्रम और वित्तीय शक्तियों की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।
सुसाइड नोट में लिखा उनसे जुड़ी सभी वित्तीय शक्तियां उनके वफादार सेवादार विनायक ही उठाएंगे।
एक छोटी सी डायरी के पन्नों पर लिखे इस सुसाइड नोट से पता चलता है कि भय्यू महाराज कुछ दिनों से बेहद तनाव में थे। सुसाइड नोट के अनुसार लिखा गया कि परिवार के दायित्व को संभालने के लिए किसी को वहां होना चाहिए। उन्होंने लिखा ‘मैं बेहद परेशान होकर तनाव के साथ जा रहा हूं।’ वही लिखा कि उनके आश्रम और उससे जुड़ी सभी वित्तीय शक्तियां उनके वफादार सेवादार विनायक ही उठाएंगे।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि भय्यू महाराज की खुदकुशी के मामले की शुरूआती जांच में पारिवारिक कलह की बात जरूर सामने आयी है। लेकिन हम इसके अलावा कुछ अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रहे हैं। भय्यू जी महाराज के घर काम करने वाले नौकर और सेवादार ने भी पत्नी और बेटी के बीच विवाद की बात बताई. उन्होंने कहा कि हर बात पर वे पत्नी से ज्यादा बेटी का पक्ष लेते थे. इसी पर दोनों में विवाद भी होते थे.
भय्यूजी महाराज ने किसी महिला से की थी मुलाकात
सुसाइड स्थल से एक नोट मिला था जिसमें उन्होंने तनाव को इस फैसले की वजह बताया था, लेकिन कहानी अब घूम रही है, क्योंकि सुसाइड से एक दिन पहले का जो वीडियो सामने आया है उसमें भय्यू जी महाराज किसी महिला से मुलाकात कर रहे हैं, किसी होटल में एकांत में ये मुलाकात चल रही है, इसी के आधार पर पुलिस ने जांच का रुख मोड़ दिया है, और हर पहलू की जांच शुरू कर दी है।
भोपाल: अाध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में उनकी मौत की पुष्टि की है. उनके खुदकुशी के पीछे पारिवारिक कारण बताये जा रहे हैं.हाल ही में उन्होंने शादी की थी. भय्यूजी महाराज उस समय चर्चा में आये थे जब अन्ना आंदोलन के समय उन्होंने सरकार के साथ बातचीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. उस आंदोलन के समय शरद यादव ने भय्यू जी महाराज की आलोचना भी की थी. भय्यू जी महाराज के भक्तों में कई नामी-गिरामी की हस्तियां शामिल थीं. वह पहले फैशन डिजाइनर थे बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गये. भय्यूजी महाराज को हाईप्रोफाइल संत कहा जाता रहा है. उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख था और वह मध्य प्रदेश के शुजानपुर के जमींदार परिवार से थे.