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नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर बनी हुई है और कल आई जांच रिपोर्ट में यूरिन इंफेक्शन भी अब कंट्रोल और पहले से सुधार है. आज एम्स ने प्रेस रिलीज जारी कर रहा है कि उनको संक्रमण ठीक होने तक अस्पताल में ही रखा जाएगा. वहीं राहत वाली बात यह भी है कि उन पर दवाओं का अच्छा असर हो रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री का इलाज कर रहे एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया तय करेंगे कि उनको कब डिस्चार्ज किया जाएगा. डॉक्टरों के मुताबिक के कई टेस्ट जो पिछले एक- दो सालों से नहीं हुए थे, इन सभी की रिपोर्ट आ जाने के बाद उनको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. इनमें कई टेस्ट किये जा चुके हैं और सबकी रिपोर्ट सामान्य आई है. इससे पहले खबर आई थी कि उन्हें आज दोपहर या देर शाम के बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है. डॉक्टरों की सलाह पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) में रूटीन चेकअप तथा जांच के लिए भर्ती कराया गया था. आपको बता दें कि वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती किया गया था. उसके बाद उनको देखने वाले नेताओं का तांता लग गया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कई केंद्रीय मंत्री उनको देखने एम्स पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 55 मिनट तक अस्पताल में रहे और डॉक्टरों से पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में बातचीत की.
नयी दिल्ली 11 जून 2018। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत कुछ अस्थिर बतायी जा रही है, हालांकि बीजेपी ने मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी को उनके रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने वाजपेयी को अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी थी। नयी दिल्ली 11 जून 2018। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत कुछ अस्थिर बतायी जा रही है, हालांकि बीजेपी ने मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी को उनके रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने वाजपेयी को अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी थी।
नयी दिल्ली 10 जून 2018। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का प्रभाव केंद्रीय मंत्रिमंडल में घटने के बाद अब उनका दर्जा भी लगातार कम होता जा रहा है। बेहद प्रभावशाली मंत्री रही स्मृति इरानी को एक और झटका देते हुए अब उनकी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य पद से उनकी छुट्टी कर दी गई है। स्मृति ईरानी जब मानव संसाधन विकास मंत्री बनी थीं तभी से नीति आयोग की सदस्य थीं, उनका मंत्रालय बदल जाने के बावजूद भी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर वो मौजूद थी। लेकिन अब उनकी जगह प्रकाश जावड़ेकर को इस पद के लिए आमंत्रित किया गया है. दिलचस्प ये है कि प्रकाश जावड़ेकर वर्तमान में मानव संसाधन विकास मंत्री भी हैं. इसके अलावा राव इंद्रजीत सिंह को नीति आयोग के पूर्व सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 जून को गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग करने वाले हैं. हाल ही में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप भी लगा है. यह गंभीर आरोप गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने लगाए थे. कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘स्मृति ईरानी ने आणंद जिले के माघरोल गांव को मॉडल बनाने के लिए गोद लिया था और उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का बेहतरीन मॉडल बनाने का काम किया है.’ अमित चावड़ा ने एक और ट्वीट में स्मृति ईरानी पर अपनी सांसद निधि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है.
::/fulltext::नई दिल्ली: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की पहल के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) परीक्षा प्रणाली में ग्रेड एवं क्रेडिट ट्रांसफर, संतुलन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा, आंतरिक परीक्षा तथा बाह्य परीक्षा समेत परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रहा है. यूजीसी के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने उच्च शैक्षिक संस्थानों में इन संरचनात्मक एवं प्रणालीगत परिवर्तन के बारे में विभिन पक्षकारों से राय मांगी गई है. इस बारे में सुझाव 22 जून 2018 तक भेजे जा सकते हैं . उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिये आयोग ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में परीक्षा सुधार के लिये विशेष निर्दिष्ट विषय वस्तु पर विचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिये सुझाव मांगा है . उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में अकादमिक सुधार के उद्देश्य से शिक्षक, छात्र, परीक्षा नियंत्रक, शिक्षा कार्मिक, प्रतिष्ठित शिक्षाविद तथा जन साधारण से सुझाव मांगे गए हैं. इसके तहत शिक्षा के विभिन्न पक्षकारों से परीक्षा प्रणाली के उद्देश्य, भारत में अनुसरण किये जा सकने योग्य परीक्षा प्रणाली के मॉडल तथा परीक्षा प्रणाली में अपेक्षित संरचनात्मक एवं प्रणालीगत परिवर्तन के बारे में राय मांगी गई है. आयोग ने परीक्षा प्रणाली में श्रेणी तथा अंकीकरण (ग्रेड एवं क्रेडिट ट्रांसफर), संतुलन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा, आंतरिक परीक्षा तथा बाह्य परीक्षा के बारे में भी सुझाव मांगे गए हैं.
यूजीसी ने आकदमिक सुधार के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप, प्रश्न कोष, न्यूनतम मानकीकृत संरचना की जरूरत तथा डिग्री के अंत में सभी स्नातक, पूर्व छात्रों की क्षमता की जांच के महत्व के बारे में राय मांगी है. आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम की घोषणा तथा अंकतालिक एवं डिग्रियां प्रदान करने के विषय पर भी राय मांगी है. अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अकादमिक सुधार लाने के लिये विविध सुधार एवं परिवर्तन किये हैं. उच्च शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अधिगम परिणामों पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारूप के आधार पर पाठ्यक्रम का निर्माण, विकास एवं नियमित संशोधन यूजीसी की एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार कार्य इस दिशा में किये गए प्रमुख कार्य परिवर्तनों में से एक हैं. इन परिवर्तनों में परस्पर सामंजस्य के लिये परीक्षा प्रणाली में इन सुधार कार्यों को प्रस्तावित करने के लिये एक समिति का गठन किया गया है.
::/fulltext::नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट के दूसरे दिन वेलकम सेरेमनी में हिस्सा लेने पहुंचे। यहां पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने मोदी से हाथ मिलाया। वहीं, लगातार दूसरे दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले। दोनों नेताओं ने साथ में हाथ मिलाते हुए फोटो भी खिंचाई। इसके बाद एससीओ के सभी 8 सदस्य देश के नेताओं ने सामूहिक फोटो में हिस्सा लिया। जिनपिंग ने सीमित सत्र से पहले बाकी नेताओं को भोज भी दिया। मोदी ने प्लेनरी सेशन में कहा कि भारत में केवल 6% पर्यटक ही एससीओ देशों से आते हैं। इसे बढ़ाया जा सकता है। इसमें सभी नेता साथ में समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे और ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
::/introtext::अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण
- मोदी ने प्लेनरी सेशन में कहा, "अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है।'
- "भारत आने वाले पर्यटकों में एससीओ देशों के महज छह फीसदी हैं। इन्हें आसानी से दोगुना किया जा सकता है। हमारी संस्कृतियों के प्रति जागरुकता बढ़ाकर यह संख्या बढ़ाई जा सकती है।'
- "हम भारत में एससीओ का एक फूड फेस्टिवल और बुद्ध फेस्टिवल आयोजित करेंगे। हम फिर एक मंच पर पहुंचे हैं जहां भौतिक और डिजिटल संपर्क भौगोलिक परिभाषा को बदल रहा है। इसलिए एससीओ क्षेत्र में पड़ोसियों से संपर्क हमारी प्राथमिकता है।'
चीन के साथ हुए दो अहम समझौते
- इससे पहले शनिवार को ही मोदी ने शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी। पिछले दो महीनों में ये दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। दोनों देशों के बीच ब्रह्मपुत्र और खेती को लेकर दो अहम समझौते हुए हैं। करार के तहत चीन ब्रह्मपुत्र का पानी छोड़ने से पहले भारत को सूचना देगा। चीन ने भारत से बासमति के अलावा दूसरे किस्म के चावल खरीदने पर भी सहमति जताई है।
2019 में भारत की यात्रा करेंगे जिनपिंग
- विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि जिनपिंग ने मोदी आमंत्रण स्वीकार किया है। वे 2019 में भारत आएंगे।
- गोखले के मुताबिक, "जिनपिंग ने इस समिट को काफी सकारात्मक बताया। उन्होंने हमारे द्विपक्षीय संबंधों में इस समिट को नई शुरुआत करार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्ते के लिए मील का पत्थर बताया।"
- उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पीपुल टू पीपुल तंत्र बनाया जाएगा। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय इसकी अगुआई करेगा। वहीं, चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी इसकी देखरेख करेंगे। इसकी पहली बैठक इसी साल होगी।
- द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पुरानी मुलाकातों का एलबम मोदी को दिखाया।
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