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श्रीनगर। आतंकवादियों की धमकी और लगातार हमलों के बीच जम्मू कश्मीर के 6 पुलिसकर्मियों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इनमें एसपीओ भी शामिल हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह 2 एसपीओ और एक पुलिस कांस्टेबल की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शोपियां, कुलगांव और पुलवामा के इन पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। जिन पुलिसकर्मियों ने इस्तीफे की घोषणा की है, उनमें तेंगाव के नवाज अहमद लोन, सामनू के शब्बीर अहमद ठोकर, हिपोरा बटगुंड के तजल्लाह हुसैन, कापरान के उमर बशीर, डंगाम के इरशाद अहमद बाबा और वाहीबग के नसीर अहमद शामिल हैं।
इनमें इरशाद बाबा पुलिस कांस्टेबल हैं, जबकि शेष सभी एसपीओ हैं। उल्लेखनीय है कि आतंकवादी एसपीओ और पुलिसकर्मियों को ज्यादा निशाना बना रहे हैं। पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में कश्मीरी एसपीओ और पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं।
असम में एनआरसी के मुद्दे पर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के बीच जमकर बहस हो चुकी है.
खास बातें
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल मेंराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सचिव जिश्नु बसु का कहना है कि बंगाल में हिंदुओं को खत्म होने से बचाने के लिये अब राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी ही एक मात्र जरिया है. उनका कहना है कई तरह के अत्याचार झेल चुके बांग्लादेशी हिंदू भी अब यहां आ रहे हैं और नागरिक संशोधन बिल उनकी मदद करेगा. आरएसएस के पदाधिकारी का कहना है कि लेकिन अगर हमने बांग्लादेशी मुसलमानों को पश्चिम बंगाल में आने की इजाजत दे तो कई जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक बनते जा रहे हैं. अगर हमारे पास एनआरसी नहीं होगा तो हम घुसपैठियों की पहचान नहीं कर पाएंगे. जिश्नु बसु का कहना है कि सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के कई जिले प्रभावित हैं. हम लोगों छोटे समूह बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि एनआरसी और नागरिक संशोधन बिल के लिये तथ्य सामने लाएं जा सकें. हम एक सामाजिक संगठन हैं, हम लोगों को तथ्यों के बारे में जागरुक कर सकते हैं.
शाह ने कहा कि एनआरसी बनाने की यह पहल पूर्व प्रधानमंत्री के फैसले के अनुपालन में ही की गयी है. उन्होंने कांग्रेस पर इसे लागू करने की हिम्मत नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुये कहा कि एनआरसी को लागू करने की प्रक्रिया पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बंधी हुयी है. शाह ने एनआरसी से 40 लाख लोगों का नाम हटाये जाने के विपक्ष के आरोप पर पलटवार करते हुये कहा ‘ये 40 लाख लोग कौन हैं. इनमें बांग्लादेशी घुसपैठिये कितने हैं. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आप बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं.’