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आपको बता दें कि इनकम टैक्स की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने यह नोटिस जारी किया है.
खास बातें
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्यों ना उसका चुनाव चिन्ह रद्द कर दिया जाए और 20 दिन के भीतर चुनाव आयोग को जवाब देने को कहा है. दरअसल इनकम टैक्स विभाग की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी गई थी जिसके आधार पर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी सीबीडीटी की भेजी रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी पर आरोप है कि उसने साल 2014-15 में चंदे के मामले में पारदर्शिता के चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है
क्या हैं आरोप - इनकम टैक्स विभाग की चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी पर मुख्य रूप से तीन आरोप है.
नोटिस में कहा गया है कि सीबीडीटी की रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिए खातों की जानकारी में अनियमितताएं पाई गई हैं। इसलिए पहली नजर में आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के कानूनी निर्देशों का उल्लंघन किया है.
कानपुर. जिंदगी और मौत के बीच पिछले पांच दिन से जूझ रहे आईपीएस सुरेंद्र दास ने अस्पताल में दम तोड़ दिया है. रीजेंसी अस्पताल में आज इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है. शनिवार को उनकी हालत बिगड़ गई थी. शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. एक पैर में ब्लड की सप्लाई नहीं हो रही थी.
रीजेंसी अस्पताल में भर्ती सुरेंद्र दास की स्थिति जानने शनिवार को यूपी के डीजीपी ओपी सिंह करीब एक घंटे तक रुके थे. उन्होंने सुरेंद्र दास परिजनों से बात की थी. रीजेंसी अस्पताल के सीएमएस राजेश अग्रवाल ने बताया था कि आईपीएस सुरेंद्र दास की किडनी और लीवर ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था.
बता दें कि आईपीएस सुरेंद्र दास ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था. पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया था. सुसाइड नोट में आईपीएस अधिकारी ने पारिवारिक कारण और निजी तनाव का हवाला दिया है. पुलिस ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग से मैच के लिए भेजा गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में पत्नी के साथ झगड़े की बात सामने आई थी.
आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास मूलरूप से लखनऊ के रहने वाले है. वो 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं. उनके इस कदम ने पूरे महकमे को चौंका दिया है.
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