Owner/Director : Anita Khare
Contact No. : 9009991052
Sampadak : Shashank Khare
Contact No. : 7987354738
Raipur C.G. 492007
City Office : In Front of Raj Talkies, Block B1, 2nd Floor, Bombey Market GE Road, Raipur C.G. 492001
- डॉक्टर ने पानी में जहरीला पदार्थ मिले होने की पुष्टि की
डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुढ़िया से कोटरा सरार जाने वाले मार्ग पर सोमवार को हैंडपंप का जहरीला पानी पीने से 16 बंदरों की मौत हो गई। पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर कमल गुप्ता ने पानी में जहरीला पदार्थ मिले होने की पुष्टि की है। हालांकि स्पष्ट नहीं हो पाया कि पानी में किसने और कौन सा जहरीला पदार्थ डाला गया है। पोस्टमाॅर्टम के बाद बंदरों के आंत के हिस्से के कुछ अवशेषों को जबलपुर स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। 10 से 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट के आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंदरों ने पानी के साथ कौन सा जहरीला पदार्थ सेवन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि आते-जाते राहगिर नल चला दिया करते थे ताकि बंदर पानी पी सकें। वन विभाग की टीम ने हैंडपंप के पानी का सैंपल लेकर पीएचई को भेज दिया है।
खार में गांव के दो परिवार ही करते हैंडपंप का पानी इस्तेमाल
- विभाग की ओर से जांच के लिए डिप्टी रेंजर गंगाधर दास को जिम्मेदारी सौंपी है। बताया गया कि बंदरों ने खून की उल्टियां भी की हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खार में स्थित इस हैंडपंप के पानी का इस्तेमाल गांव के दो परिवार के लोग ही करते हैं। वहीं राह चलते लोग भी इसी हैंडपंप से प्यास बुझाते हैं। बंदरों के साथ ही अन्य पशु भी हैंडपंप के पास जमा हुए पानी को पीते हैं। इसलिए राह चलते लोग मानवता की वजह से हैंडपंप के पास पानी भरकर छोड़ देते हैं।
राह चलते लोगों ने बंदरों को मृत देखा और पुलिस को दी सूचना
- कोटरासरार की ओर जाने वाले कुछ राहगीरों ने बंदरों को तड़प-तड़प कर मरते देखा। राहगीरों की सूचना पर कोटवार ने मोहारा पुलिस चौकी में खबर दी। चौकी प्रभारी आनंद शुक्ला मौके पर पहुंचे और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। - एसडीओ सत्यदेव शर्मा व परिक्षेत्र अधिकारी एसके साहू ने मौका मुआयना किया। वन अमले ने मृत बंदरों के शव को करवारी नर्सरी पहुंचाया फिर पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. किशोर गुप्ता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पोस्टमाॅर्टम किया।
डॉक्टर ने कहा-पेट में दर्द होने पर तड़पे हैं बंदर, शरीर में खरोच के निशान
- बंदरों का पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि मौत से पहले सभी बंदर खूब तड़पे हैं। शरीर में पाए गए खरोच के निशान से यह स्पष्ट हो रहा है। लगता है कि शरीर में जहरीला पदार्थ जाने की वजह से दर्द उठा होगा और बंदर तड़पे होंगे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम के बाद बंदरों के आंत के कुछ हिस्से को जबलपुर स्थित फोरेंसिक लैब में जांच लिए भेज दिया गया है। - लैब रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण सामने आ पाएगा। बंदरों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
जंगल में पानी नहीं, इसलिए बस्ती की ओर आते हैं वन्य प्राणी
- डोंगरगढ़ के आस-पास में जंगल है। वन विभाग को गर्मी के मद्देनजर वन्य जीवों के लिए पानी का इंतजाम करना है पर जंगल में पानी का संकट होने की वजह से वन्य जीव भटकते हुए बस्ती की ओर आते हैं। इसके पूर्व भी भवानी करेला मंदिर पहाड़ी पर एक बंदर मृत मिला था।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
- पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर ने बंदरों की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की बात कही है। लैब रिपोर्ट के बाद इसकी पुष्टि होगी।
डॉ.आरके सोनवाने, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग
रायपुर 22 मई 2018। 25 मई को छत्तीसगढ कांग्रेस बस्तर के झीरम में जुटेगी। बस्तर में परिवर्तन की संकल्प यात्रा की शुरुआत उसी झीरम से होगी, जहाँ कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। पाँच बरस बाद, कांग्रेस पीसीसी चीफ़ भूपेश बघेल और सीएलपी टीएस सिंहदेव के साथ साथ प्रदेश संगठन प्रभारी पीएल पुनिया के साथ झीरम में मौजूद होगी।
25 मई को पीसीसी चीफ़ भूपेश बघेल बस्तर में संकल्प यात्रा की शुरुआत झीरम से करने के ठीक पहले, दंतेश्वरी मंदिर जाएँगे। दर्शन के बाद वो फरसगाँव पहुँचेंगे जो स्व. महेंद्र कर्मा का गाँव है, वहाँ स्व. कर्मा की प्रतिमा का माल्यार्पण कर झीरम पहुँचेंगे । झीरम में संगठन प्रभारी पी एल पुनिया, पीसीसी चीफ़ भूपेश बघेल, सीएलपी टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में झीरम की मिट्टी को नमन करते हुए झीरम हत्याकांड में मारे गए नेताओं को श्रद्धांजली देंगे। इसके ठीक बाद केसलुर में संकल्प सभा आयोजित होगी।
पीसीसी चीफ़ भूपेश बघेल ने कहा
“झीरम से परिवर्तन यात्रा 2013 में आगे केशलुर जाती, तो हम झीरम पहुँचेंगे, उस बर्बर हत्याकांड में शहीद हुए नेताओं को श्रद्धांजली देंगे और केशलूर में संकल्प सभा का आयोजन करेंगें। परिवर्तन के संकल्प के साथ यात्रा फिर शुरु होगी।”
::/fulltext::“ पाँच बरस हो गए, झीरम हत्याकांड का खुलासा नहीं हो पाया, षड्यंत्रकारियों दोषियों तक पहुँचने की बात दूर, उस दिशा में सरकार एक क़दम नहीं बढ़ी”
रायपुर।राज्य बाल कल्याण परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके बंगले पर बाल कल्याण परिषद की कार्यकारिणी की बैठक हुई। अग्रवाल ने बैठक में बताया कि बाल कल्याण परिषद प्रदेश में बालक-बालिकाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। परिषद द्वारा राजधानी में राष्ट्रीय स्तर का एक ऐसा बहु विकलांगता केन्द्र स्थापित किया जाएगा जहां पर दिव्यांगों के देखरेख और निदान की आधुनिकतम सुविधाएं होंगी। - उन्होंने कहा कि यहां पर दिव्यांगों को सक्षम बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी। इसकी संरचना इस प्रकार की जाएगी, जो पूरे देश में विलक्षण केन्द्र के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने छह महीनों में केन्द्र को बनाने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने कहा कि बालक-बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बाल भवन की स्थापना की जाएगी, जहां पर उनके कल्याण संबंधित अन्य कार्य के अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
- अग्रवाल ने कार्यकारिणी की नए सदस्यों का स्वागत किया और कहा कि उनकी नई कार्यकारिणी बाल कल्याण परिषद के उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए एकजुट होकर कार्य करे। इस अवसर पर पिछली बैठक का पालन-प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2018-19 के बजट का प्रस्ताव पारित किया गया। - इसके साथ ही आंगनबाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र माना, जगदलपुर, धरमजयगढ़, पेण्ड्रा रोड में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण और भवन के मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। परिषद में एक स्थायी कमेटी के गठन और बाल भवन माना कैम्प के अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने का प्रस्ताव पारित किया गया। - इस बैठक में महासचिव अशोक त्रिपाठी, पूर्व महासचिव मोहन चोपड़ा, सोहनलाल डागा, पीपी सोती, संयुक्त सचिव इंदिरा जैन, हेमलता चन्द्राकर, प्रकाश अग्रवाल, प्रीतेश गांधी, कोषाध्यक्ष अजय त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सोमनाथ यादव, राजेन्द्र निगम, चन्द्रेश शाह,जे.पी. साबू,एस.सी.धीर,प्रेमलाल सिंह, संजीव बंसद हुद्दार उपस्थित थे।
::/fulltext::