Owner/Director : Anita Khare
Contact No. : 9009991052
Sampadak : Shashank Khare
Contact No. : 7987354738
Raipur C.G. 492007
City Office : In Front of Raj Talkies, Block B1, 2nd Floor, Bombey Market GE Road, Raipur C.G. 492001
नईदिल्ली 22 मई 2018. हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी राहत मिली है। अब यात्री टिकट कैंसिल कराने के साथ ही पूरा रिफंड पा सकेंगे। यह नियम सभी देशी और विदेशी एयरलाइंस कंपनियों पर लागू होगा।
यात्रा में देरी होने पर देना होगा मुआवजा
अगर फ्लाइट में किसी प्रकार देरी होती है, तब एयरलाइंस कंपनियों को यात्रियों को किसी ने किसी तरीके से मुआवजा देना होगा। इस बार गर्मियों के सीजन में अगर आप घूमने का प्लान कर रहे हैं तो फिर यह काफी सस्ता होगा। घरेलू यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद किरायों में इस बार 4-9 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। केवल एक सेक्टर पर किराया सबसे ज्यादा है। इस बार गर्मियों के सीजन में अगर आप घूमने का प्लान कर रहे हैं तो फिर यह काफी सस्ता होगा। घरेलू यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद किरायों में इस बार 4-9 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। केवल एक सेक्टर पर किराया सबसे ज्यादा है।
बढ़ी 20 फीसदी मांग
गर्मियों में एयर टिकट बुक कराने वालों की संख्या में इस बार 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। डिमांड ज्यादा होने के बावजूद किराये में कमी देखने को मिली है। देश में कार्यरत विभिन्न ट्रेवल कंपनियों के अनुसार इस साल अप्रैल-जून के बीच कमी देखने को मिल रही है। वहीं इंटरनेशन सेक्टर में इसी अवधि के दौरान किराये में 19 फीसदी की कमी देखी गई है।
2013-14 के साल जितना अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमत अभी उछली भी नहीं है लेकिन उस दौरान बीजेपी ने देश को पोस्टरों से भर दिया था बहुत हुई जनता पर डीज़ल पेट्रोल की मार, अबकी बार बीजेपी सरकार. तब जनता भी आक्रोशित थी. कारण वही थे जो आज केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गिना रहे थे. तब की सरकार के बस में नहीं था, अब की सरकार के बस में नहीं है. मगर राजनीति में जिस तरह से कुतर्कों को स्थापित किया गया है, वही कुतर्क लौट कर बार बार बीजेपी के नेताओं को पूछ रहे हैं. पेट्रोल की कीमत रिकार्ड स्तर पर है फिर भी आप मीडिया में इसकी खबरों को देखिए, लगेगा कि कोई बात ही नहीं है. यही अगर सरकार एक रुपया सस्ता कर दे तो गोदी मीडिया पहले पन्ने पर छापेगा.
कर्नाटक चुनावों के कारण 19 दिन सरकार दाम नहीं बढ़ने देती है. तब भी तो अंतर्राष्ट्रीय कारण थे. उसी दौरान तो अमरीका ईरान के साथ हुए परमाणु करार से अलग हुआ था. 19 दिन बीत गए अब दाम पर सरकार का नहीं, बाज़ार का बस है. एक सप्ताह में पेट्रोल के दाम में 1.62 रुपये की वृद्धि हो चुकी है . डीज़ल के दाम 1.64 रु प्रति लीटर बढ़े हैं. दाम अभी और बढ़ेंगे. मंत्री जी कहते हैं कि जल्दी ही समाधान लेकर हाज़िर होंगे. अभी तक वो समाधान क्यों नहीं तैयार हुआ. कच्चे तेल के दाम चुनाव बाद तो नहीं बढ़े. दिल्ली में 14 सितबंर 2013 को एक लीटर पेट्रोल 76.06 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था. 20 मई 2018 को 76.24 रु प्रति लीटर हो गया है. अपने सबसे महंगे स्तर पर है. दिल्ली का मीडिया चुप है. बोलेगा तो गोदी से उतार कर सड़क पर फेंक दिया जाएगा. मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 84.07 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. पटना में 81.73 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 81.83 रु प्रति लीटर दाम है.
मलेशिया के नए प्रधानमंत्री ने कहा है कि हफ्ते हफ्ते का दामों में उतार चढ़ाव अब नहीं होगा. दाम को फिक्स किया जाएगा और ज़रूरत पड़ी तो सरकार सब्सिडी देगी. इसी मलेशिया का उदाहरण देकर भारत में कई लोग जीएसटी का स्वागत कर रहे थे. मलेशिया ने तीन साल तक जीएसटी लगाकर हटा दिया है. भारत में हफ्ते हफ्ते दाम बढ़ने की व्यवस्था की गई है. मगर सरकार चुनाव के हिसाब से चाहती है तो दाम नहीं बढ़ते हैं. मोदी सरकार के मंत्री बार बार कहते रहे हैं कि बैंकों का एन पी ए यूपीए की देन है. बात सही भी है मगर कहा इस तरह से गया जैसे मोदी सरकार के दौरान कुछ हुआ ही नहीं और वह निर्दोष ही रही. आज के इंडियन एक्सप्रेस में जार्ज मैथ्यू की रिपोर्ट छपी है. ये रिपोर्ट प्राइवेट बैंकों के बारे में हैं. अभी तक हम पब्लिक बैंकों के एन पी ए की ही चर्चा करते थे. मगर अब पता चल रहा है कि प्राइवेट बैंकों की भी वही हालत है. मैथ्यू ने लिखा है कि पांच साल में बैंकों का एनपीए 450 प्रतिशत बढ़ा है. 2013-14 के वित्त वर्ष के अंत में कुल एन पी ए 19,800 करोड़ था, मार्च 2018 के अंत में एक लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने चुनावों में वादा किया था कि 14 दिनों के अंदर गन्ने का भुगतान होगा. इंडियन एक्सप्रेस में हरीश दामोदरन की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं. हरीश फील्ड में दौरा करते हैं और काफी अध्ययन के बाद लिखते हैं. इनका कहना है कि मौजूदा 2017-18 के दौरान छह चीनी मीलों ने 1778.49 करोड़ का गन्ना खरीदा. कायदे से इन्हें 14 दिनों के अंदर 1695.2 5 करोड़ का भुगतान कर देना था. मगर अभी तक 888.03 करोड़ का ही भुगतान हुआ है. बाकी बकाया है . इस बीच बिजनेस स्टैंडर्ड ने अपने संपादकीय में लिखा है कि मार्च 2018 में जिन 720 कंपनियों ने अपनी तिमाही के नतीजे घोषित किए थे, उनके कुल मुनाफे में 34 प्रतिशत की गिरावट है. यह बुरी ख़बर है. मगर अच्छी खबर है कि अगर इसमें से वित्त और ऊर्जा से संबंधित कंपनियों को निकाल दें तो कुल मुनाफा 15 प्रतिशत अधिक दिखता है. 720 कंपनियों का राजस्व बढ़ा है. यह पिछले तीन साल में अधिक है. इससे आने वाले समय में सुधार के संकेत दिख रहे हैं
::/fulltext::पटना: चर्चित चारा घोटाले में सजायाफ्ता और औपबंधिक जमानत पर जेल से बाहर आए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबियत शनिवार सुबह अचानक खराब हो गई. इसके बाद इन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राजद के एक नेता ने बताया कि लालू ने सुबह सोकर उठने के बाद बेचैनी, सीने में दर्द और चक्कर आने की शिकायत की थी. इसके बाद पारिवारिक चिकित्सक को बुलाकर उन्हें दिखाया गया. इस दौरान पाया गया कि उनका शुगर लेवल बढ़ा हुआ है. इसके बाद लालू प्रसाद को पटना के आईजीआइएमएस (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) में भर्ती कराने का निर्णय लिया गया है. चिकित्सकों की सलाह पर लालू को इलाज के लिए आईजीआइएमएस में भर्ती करा दिया गया है. आईजीआइएमएस के चिकित्सकों का कहना है कि अभी उनकी पूरी जांच की जाएगी उसके बाद ही कुछ बताया जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे. रांची उच्च न्यायालय ने उन्हें इलाज कराने के लिए छह सप्ताह की औपबंधिक जमानत दी है. राजद सूत्रों की मानें तो लालू इलाज के जल्द ही मुंबई जाने वाले हैं. लालू यादव पिछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं.
::/fulltext::श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में बीते सात महीनों में 70 से अधिक आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराने वाले सुरक्षा बलों का अब नया नारा है 'उन्हें जिंदा पकड़ो'. सुरक्षा बलों की रणनीति में इस बदलाव का उद्देश्य आतंकी संगठनों में नए शामिल होने वालों पर ध्यान केंद्रित करना और उन्हें अपने परिवारों के पास लौटने के लिए प्रेरित करना है. वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की इस रणनीति का उद्देश्य आतंकवादियों के लिए जमीन पर काम करने वालों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है, जिसकी युवाओं को कट्टर बनाकर उन्हें जेहाद में धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका है.
आतंकवाद निरोधक अभियानों में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमारा उद्देश्य उन्हें जिंदा पकड़ना और उनकी शिकायतों को समझना है. आखिरकार 15 या 16 वर्ष के किशोर का इस सीमा तक 'ब्रेनवाश' नहीं किया जा सकता कि वह मुठभेड़ में मरना चाहे. इसमें कोई संबंध होना चाहिए.' अधिकारियों ने कहा कि केंद्र द्वारा सुरक्षा बलों को रमजान के दौरान आतंकवाद निरोधक अभियान नहीं शुरू करने के लिए कहने से पहले सद्दाम पोद्दार, इसा फजल और समीर टाइगर जैसे कट्टर आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराने की जरूरत थी, क्योंकि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों जैसे लश्करे तैयबा, जैशे मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन में युवाओं को शामिल करने के पीछे उनका ही दिमाग काम कर रहा था. शीर्ष आतंकी कमांडरों को मार गिराने के बाद अब रणनीति में बदलाव के प्रयास किये जा रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि विशिष्ट सूचना पर आधारित अभियान तो जारी रहेंगे, लेकिन आतंकवादी संगठनों में हाल में शामिल हुए आतंकियों को जिंदा पकड़ने पर जोर दिया जाएगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमें हमारे जमीनी गुप्तचर प्रणाली से संकेत मिले हैं कि कई वापस लौटना चाहते हैं. कुछ अभिभावकों ने हमसे सम्पर्क किया और हमें उनकी सामान्य जीवन और शिक्षा फिर से शुरू करने में मदद करने में कोई हिचक नहीं है.' कई अधिकारियों जिसमें गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हैं, का मानना है कि आतंकवाद निरोधक अभियान रूकने से अभिभावकों को इसके लिए मनाने में मदद मिलेगी कि वे अपने बच्चों को वापस लाकर पढ़ाई में लगायें. कश्मीर घाटी में स्थिति पर बारीक नजर रखने वाले पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) स्वयं प्रकाश पाणि ने कहा, 'गत सात महीनों में आतंकवादी संगठनों में हाल में शामिल हुए चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अपने परिवार के पास लौट आया.' पाणि दक्षिण कश्मीर में उप महानिरीक्षक के तौर पर अपने अनुभव का इस्तेमाल आतंकवाद से निपटने में कर रहे हैं. पाणि ने पीटीआई से कहा कि उद्देश्य एक सकारात्मक माहौल बनाना है ताकि लोग हिंसा के चक्र से बाहर निकल सकें. उन्होंने कहा, 'मेरे पुलिस महानिदेशक (एस पी वैद्य) ने भी गुमराह युवाओं से अपील की है और मैं भी उनसे अपने परिवारों के पास लौटने के लिए कह रहा हूं.' अधिकारियों ने कहा कि गत सात महीनों में घाटी में विभिन्न हिस्सों के लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. उन्हें युवाओं को कट्टर बनाने और उन्हें हथियार उठाने के लिए राजी करने की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि शीर्ष आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले ऐसे तत्वों की पहचान जरूरी है.
नई दिल्ली: ब्रिटेन में प्रिंस हैरी और अदाकारा मेगन मर्केल की शाही शादी में एक उपहार मुंबई के मशहूर डिब्बेवालों की ओर से भी होगा, जिन्होंने दूल्हे के लिए पगड़ी और दुल्हन के लिए साड़ी खरीदी है. अपनी दैनिक गतिविधियों पर विराम लगाते हुए डिब्बेवालों ने मध्य मुंबई के लाल बाग इलाके से पारंपरिक मराठी साड़ी और कोल्हापुर का मशहूर पेठा खरीदा, जो विभिन्न रंगों में आता है. उन्होंने प्रिंस हैरी के लिए केसरी रंग की पगड़ी भी खरीदी. हैरी (33) और मेगन (36) विंडसर कैसल के सेंट जॉर्ज चैपल में 19 मई को दांपत्य सूत्र में बंधेंगे. हैरी के पिता प्रिंस चार्ल्स की शादी में मुंबई के डिब्बेवालों को आमंत्रित किया गया था. प्रिंस चार्ल्स की वर्ष 2003 में मुंबई यात्रा के दौरान डिब्बेवालों और शाही परिवार के बीच संबंध तब स्थापित हुआ था, जब चार्ल्स ने काम करने के तरीके से प्रसन्न होकर डिब्बावालों की तारीफ की थी. इसके बाद वर्ष 2005 में प्रिंस चार्ल्स और कैमिला की शाही शादी में उन्हें आमंत्रित किया गया था. मुंबई डिब्बावाला संघ के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने कहा, 'हमने शाही जोड़े के लिए पारंपरिक तोहफे खरीदे हैं.'
प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल की शादी के लिए मुंबई के डिब्बावालों ने खरीदा गिफ्ट, प्रिंस हैरी के लिए लिए कुर्ता
उन्होंने कहा, 'हम हैरी को कुर्ता-पायजामा तथा पगड़ी और मेगन को पारंपरिक नौ गज की पैठनी साड़ी, मंगलसूत्र और हरी चूड़ियां उपहार में दे रहे हैं.' शादी का जश्न मनाने के लिए डिब्बेवाला मुंबई के कुछ सरकारी अस्पतालों में मरीजों के रिश्तेदारों को मिठाइयां भी बांटेंगे.