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मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित "आजादी की गढ़-गाथा" फोटो प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में फीता काटकर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी अत्यंत ज्ञानवर्धक है। हमारे आज़ादी के जननायकों की कहानी और उनके योगदान की जानकारी आम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी का विषय "आजादी की गढ़-गाथा" है, जो स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ियों के संघर्ष की प्रेरक और गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है। इसमें विशेष रूप से परलकोट विद्रोह (1825) के नायक शहीद गैंद सिंह, 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की गिरफ्तारी और फांसी से संबंधित दस्तावेज, शहीद सुरेन्द्र साय, 1910 के आंदोलन के महानायक शहीद गुंडाधुर, कंडेल नहर सत्याग्रह (1920), छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी का आगमन सहित प्रदेश के अमर वीर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी घटनाओं का जीवंत चित्रण किया गया है। यह प्रदर्शनी 19 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सहभागिता होगी छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ – 15 अगस्त से अगले 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में होगा आयोजन
रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे तो मंज़िल ज़रूर मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम' जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।
25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन
महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।
विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण
शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।
संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा, आज़ादी की लड़ाई में प्रदेश की भागीदारी और शासन की उपलब्धियों का प्रभावशाली चित्रण
15 से 21 अगस्त तक प्रातः 10:30 से रात 8:00 बजे तक कर सकेंगे अवलोकन
रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित यह प्रर्दशनी हमारे युवाओं और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, हमारे जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। प्रदर्शनी में इन सभी तथ्यों को अत्यंत सुंदर, सुसंगठित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन हॉल के ऐतिहासिक भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लिया क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा, छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक सवालों के दिए जवाब
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ की जानकारी पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया और पूछे गए सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों से जुड़े अत्यंत रोचक प्रश्न शामिल हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इतनी व्यापक, सुंदर और व्यवस्थित जानकारी एक ही स्थान पर संकलित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्हें भी कई नई और दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुईं। यह निश्चित रूप से बच्चों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन करें, बल्कि यहां आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उत्साहपूर्वक भाग लें।
दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण और आधुनिक तकनीक का संगम
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, उनके संघर्ष, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, जैसे भारत छोड़ो आंदोलन सहित कई महत्वपूर्ण संघर्षों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी इसमें विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों तथा प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।
इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। प्रसिद्ध क्विज शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित “कोन बनही गुनिया” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है, जिसमें सभी लोग भाग लेकर पुरस्कार जीत सकते हैं।
जनसंपर्क विभाग द्वारा 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल प्रथम और लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहे
रायपुर- राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर को पहला, लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर को दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।
मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय, डारा लोर गेहे रे...., हमर पारा तुहर पारा... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने देश की सेना द्वारा भारत माता की रक्षा एवं देश की माँ, बेटी, बहन की सुरक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते हए भारत माता की सेवा में अपनी प्राण न्योछावर करने वाले दृश्य को प्रदर्शित किया, साथ ही पहलगाम में हुये आतंकी हमले के विरूद्ध भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन सिन्दूर को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।
लक्ष्मीनारायण कन्या उ.मा.वि. रायपुर के 200 विद्यार्थियों ने हाय कहे गजरी, हाय कहे गजरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्य राऊत नाचा एवं अन्य नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। साथ ही स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के त्यौहारों व लोक नृत्यों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को भी दर्शाया।
सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सभी लोक नृत्य व संस्कृति को संजोया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रकृति के मनोरंग दृश्य का भी प्रदर्शन किया। इस नृत्य में कर्मा लोक नृत्य को भी स्कूली बच्चों द्वारा बहुत सुन्दर भाव-भंगिमा के साथ प्रदर्शित किया गया।