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छत्तीसगढ़ के 141879 किसानों को 152.84 करोड़ रुपये का दावा भुगतान
11 अगस्त को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का होगा पात्र बीमित किसानों के खाते में सीधे अंतरण
रायपुर- भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। जिसमें खरीफ सीजन 2024 के 33 हजार 943 पात्र किसानों को 10 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये तथा रबी सीजन 2024-25 के एक लाख 7 हजार 936 पात्र किसानों को 142 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये का दावा भुगतान शामिल है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह भुगतान 11 अगस्त 2025 (सोमवार) को राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आधारित स्वचालित प्रणाली के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित कार्यक्रम में होगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीना विशिष्ट अतिथि होंगे।
यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। छत्तीसगढ़ के पात्र बीमित कृषकों को वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल करने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखण्ड स्तर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी कृषक इसका हिस्सा बन सकें।
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे प्रभावी कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल हानि से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह दावा भुगतान हमारे कृषकों के विश्वास और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा। हमारी सरकार खेती को लाभकारी बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक के प्रसार और फसल विविधीकरण के माध्यम से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।
दूरस्थ अंचलों तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
जशपुर जिले में 3 नए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंकों का लोकार्पण
ग्राम आरा, कुडे़केला और छिछली में शुरू हुई नई बैंक शाखाएं
23 ग्राम पंचायतों एवं 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को मिलेगा लाभ
रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य और जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाएं उनके ही गाँव में सुलभ हों। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आधार बनती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के बगिया ग्राम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जशपुर विकासखंड के ग्राम आरा, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम कुडे़केला (घरजियाबथान) और बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 12वें वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया।
44 हज़ार से अधिक ग्रामीण होंगे लाभान्वित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यकम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन नई शाखाओं के शुरू होने से 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिलेगी वित्तीय सेवाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि जशपुर जिले की 268 पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आगामी पंचायत दिवस तक जिले की सभी पंचायतों में ये सुविधा केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
जशपुर जिले के ग्राम छिछली की सरपंच श्रीमती अनिमा मिंज, आरा के सरपंच श्री मनोज भगत और कुडे़केला के सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा ने कहा कि नई बैंक शाखाओं से अब उनके क्षेत्र के ग्रामीणों को सभी बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
ग्राम पंचायत आरा से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि बैंक खुलने से हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राहियों को मिलेगा।
ग्राम कुडे़केला से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती गोमती साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और अब 3 नए ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में गति आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इन 3 नई शाखाओं के खुलने से जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत सदस्य श्री वेद प्रकाश भगत, श्री उपेन्द्र यादव, श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री विनोद अरोड़ा सहित तीनों ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
पूरे प्रदेश के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है बस्तर संभाग
विगत तीन माह में बस्तर जिले में आभा लिंक के माध्यम से 53 फीसदी मरीजों ने कराया ओपीडी रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में हो रहा है डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” से स्वास्थ्य सुविधाएं हुईं और भी सुलभ, प्रभावी एवं पारदर्शी
रायपुर-बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।
बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों, दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं।
डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण।
यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।
छत्तीसगढ़ की बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रक्षाबंधन पर जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ : बिहान की 12 दीदियों को ई-रिक्शा का उपहार
रायपुर-रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया से जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया और बिहान योजना से जुड़ी 12 दीदियों को राखी के उपहार स्वरूप ई-रिक्शा प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं स्व-सहायता समूह की महिला श्रीमती गिलसोनिका पाण्डे के ई-रिक्शा में बैठकर बगिया निवास परिसर की यात्रा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ई-रिक्शा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इसकी परिचालन लागत भी कम है। इससे महिलाएं स्थानीय परिवहन सेवाओं में अपनी भागीदारी निभाते हुए आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगी। उन्होंने रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की सभी बहनों की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्व-सहायता समूह की बहनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही यह ई-रिक्शा वितरण किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 18 लाख आवास का कार्य तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आवास प्लस प्लस योजना के अंतर्गत 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू-व्हीलर और 15 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले पात्र परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख बहनों को प्रति माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे।
कार्यक्रम में बताया गया कि ई-रिक्शा का संचालन जिले के विभिन्न रूट्स पर महिला संचालकों द्वारा किया जाएगा। फरसाबहार में प्रतिमा भगत फरसाबहार- कन्दईबहार- अमडीहा- तपकरा मार्ग पर, मदनावती लवाकेरा- अमडीहा- पुराईनबंध- समडमा- तपकरा मार्ग पर, राजकुमारी पैंकरा तपकरा- कन्दईबहार- तुबा- फरसाबहार मार्ग पर और उर्मिला भगत खुटगांव- सिंगीबहार- साजबहार- तपकरा मार्ग पर परिचालन करेंगी। इसी तरह, दुलदुला में बिंदेश्वरी देवी कोसा- दुलदुला- विपतपुर- छेरडांड मार्ग पर, पार्वती साय कोसा- दुलदुला- पतराटोली- लोरो- बम्हनी मार्ग पर, संगीता देवी छेरडांड- लोरो- बम्हनी- कस्तुरा मार्ग पर और बिमला देवी छेरडांड- दुलदुला- लोरो- पतराटोली मार्ग पर परिचालन करेंगी। कांसाबेल में गिलसोनिका पाण्डे टांगरगांव- हथगड़ा- कांसाबेल मार्ग पर, तियासो पैंकरा बांसबहार- दोकड़ा- पुसरा- खुंटीटोली- कांसाबेल मार्ग पर, नीता रवानी कटंगखार- दोकड़ा- बन्दरचुंआ- कांसाबेल मार्ग पर और अंगावती बाई देवरी- दोकड़ा- छाताबर- कांसाबेल मार्ग पर ई-रिक्शा का परिचालन करेंगी।
इस अवसर पर कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, श्री उपेन्द्र यादव, श्री गणेश जैन एवं श्री रवि यादव उपस्थित थे।