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मुख्य सचिव अजय सिंह ने साफ कर दिया है कि यह हाईप्रोफाइल मामला है। रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय है।
रायपुर। शिक्षाकर्मियों की मांगों पर निर्णय लेने के लिए गठित हाईपावर कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह से आठ जून को समय मांगा है। मुख्यमंत्री इन दिनों विकास यात्रा के तहत आठ जिलों के दौरे पर निकले हैं। उन्होंने बयान दिया था कि हाईपावर कमेटी से पांच जून तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि पांच जून को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। पांच जून को मुख्यमंत्री बालोद जिले के दौरे पर थे। रात में मुख्यमंत्री रायपुर लौटे लेकिन बुधवार सुबह ही बेमेतरा, दुर्ग व गरियाबंद की विकास यात्रा पर निकल गए। आठ जून को विकास यात्रा में विश्राम का दिन है। उस दिन मुख्यमंत्री रायपुर में रहेंगे। हाईपावर कमेटी के सभी सदस्य उसी दिन दोपहर को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें संविलियन की रिपोर्ट सौंपेंगे। शिक्षाकर्मियों के संविलियन की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। मुख्य सचिव अजय सिंह ने खुद इसकी पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि रिपोर्ट मैं क्या है। बुधवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आरपी मंडल ने नईदुनिया से कहा-हमने आठ जून को समय मांगा है। उसी दिन रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। इधर संविलियन को लेकर आंदोलित शिक्षाकर्मियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। नईदुनिया दफ्तर में लगातार प्रदेशभर से शिक्षाकर्मियों के फोन आ रहे हैं। शिक्षाकर्मी जानना चाहते हैं कि संविलियन हो रहा है या नहीं, क्या क्रमोन्नति का लाभ मिलेगा, संविलियन होगा तो शर्तें क्या होंगी, अनुकंपा, स्थानांतरण और दूसरी मांगों पर कमेटी ने क्या निर्णय लिया है। शिक्षाकर्मियों के इन सवालों का जवाब देने को कोई भी अफसर तैयार नहीं है। मुख्य सचिव अजय सिंह ने साफ कर दिया है कि यह हाईप्रोफाइल मामला है। रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय है। खुलासा मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ही करेंगे। हालांकि शासन में उच्च पदस्थ सूत्र बता रहे कि संविलियन पर निर्णय हो चुका है। शर्तें क्या होंगी यह मुख्यमंत्री ही तय करेंगे।
::/fulltext::रायगढ़ 7 जून 2018। मुख्यमंत्री ने सारंगढ़ को जिला बनाने के संकेत दिये हैं। आज विकास यात्रा के दौरान सारंगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भरी सभा में इस बात ऐलान किया कि जिला बनाने की बात जब भी होगी, सारंगढ़ जिलों की सूची में सबसे आगे रहेगा। विकास यात्रा में हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक मांग बार-बार आपके दिमाग में आता है और मैं उस बात को फिर से दोहराकर अपनी बात समाप्त करता हूं कि जब भी जिला पुनर्गठन की बात मेरे सामने आयेगी, प्राथमिकता सूची में आपका ना पहले नंबर पर होगा, सारंगढ़ का नाम सबसे उपर रहेगा, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, आपको आवेदन देने की जरूरत नहीं” हालांकि मुख्यमंत्री ने ये साफ नहीं किया कि जिला पुनर्गठन का काम सरकार इसी कार्यकाल में करेगी, या फिर आगामी सरकार आने के बाद। हालांकि सारंगढ़ को जिला बनाने का कितना राजनीतिक नफा-नुकसान होगा ये तो तय नहीं, लेकिन लोगों को प्रशासनिक फायदा जरूर होगा। अभी सारंगढ़ की रायगढ़ जिला मुख्यालय से दूरी करीब 60 से 65 किलोमीटर की है, जिसकी वजह से लगातार लोग सारंगढ़ को अलग जिला बनाने की मांग करते आ रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सांरगढ़ को करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिर परीचित अंदाज में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को विकास विरोधी करार देते हुए कहा कि उन्होंने 60 साल में खुद तो कुछ नहीं किया..और जब बीजेपी विकास कर रही है, तो वो उसकी बुराई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास विरोधी मानसिकता की वजह से ही कांग्रेस इतने दिनों तक सत्ता से दूर है।
::/fulltext::रायपुर 6 जून 2018। पुलिस मुख्यालय ने 30 टीआई स्तर के पुलिस अफसरों के ट्रांसफर आर्डर जारी किये हैं। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कई पुलिसकर्मियों की तैनाती नक्सल क्षेत्र में की गयी है। ये वो निरीक्षक हैं, जिन्हें वन टाइम प्रमोशन देकर एसआई बनाया गया था, फिर उन्हें नक्सल क्षेत्र में तैनाती दी गयी है। नक्सल क्षेत्र में इन उप निरीक्षकों ने बहादूरी का इनाम देते हुए पुलिस मुख्यालय ने आउट आफ टर्न प्रमोशन देते हुए उप निरीक्षक से निरीक्षक बनाया। पुलिस मुख्याल ने उन सभी अफसरों को नयी जगह पोस्टिंग दी है। जिन अफसरों के ट्रांसफर आर्डर जारी हुए हैं, उनमें
सावन सारथी को बस्तर से दंतेवा
शरद दुबे को कोंडागांव से कांकेर
विनोद एक्का को दंतेवाड़ा से सुकमा
अजय सोनकर को सुकमा से नारायणपुर
एमन साहू को सुकमा से बस्तर
उत्तम गावड़े को सुकमा से नारायणपुर
विनोद साहू को सुकमा से बीजापुर
दिलेश्वर चंद्रवंशी को सुकमा से बीजापुर
पवन वर्मा को कांकेर से बीजापुर
नरेश देशमुख को कांकेर से नारायणपुर
अमोल खलखो को कांकेर से बीजापुर
मोहन निषाद को कांकेर से बीजापुर
शरद सिंह को बीजापुर से सुकमा
सखा राम मंडावी को बीजापुर से नारायणपुर
चाणक्य नाग को बीजापुर से सुकमा
रमाकांत तिवारी को बीजापुर से कबीरधाम
मनोज सिंह को बीजापुर से नारायणपुर
रामेश्वर प्रसाद को बीजापुर से राजनांदगांव
सुशील पटेल को बीजापुर से कांकेर
प्रदीप कुमार बिसेन बीजापुर से दंतेवाड़ा
ओमकार दीवान को बीजापुर से कोंडागांव
खोमन सिंह भंडारी को बीजापुर से दंतेवाड़ा
केशरीचंद साहू को बीजापुर से राजनांदगांव
रमनलाल उसेंडी को नारायणपुर से कोंडगांव
रितेश यादव को नारायणपुर से सुकमा
उमेश पाटिल को नारायणपुर से बीजापुर
सुरेन्द्र राम यादव को नारायपुर से बीजापुर
रोशन कौशिक को नारायणपुर से कांकेर
शिवप्रसाद चंद्रा को नारायणपुर से राजनांदगांव
शशिकांत भारद्वाज को नारायणपुर से बीजापुर
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रायपुर 6 जून 2018। हाईपावर कमेटी 8 जून को अपनी रिपोर्ट सरकार के सुपूर्द करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक ये रिपोर्ट कमेटी सीधे मुख्यमंत्री को सौंपी जायेगी, जिसके लिए 8 जून की दोपहर एक बजे के बाद का वक्त तय हो चुका है। हाईपावर कमेटी ने रिपोर्ट सौंपने और उन्हें रिपोर्ट की तकनीकी बारिकी के बारे में बातचीत के लिए वक्त मांगा था। दिल्ली में मौजूद मुख्य सचिव अजय सिंह ने रिपोर्ट के बारे में कहा कि “हमने अपना काम कर दिया है, मुख्यमंत्री को सीधे ये रिपोर्ट सौंपेंगे, कमेटी ने अपनी तरफ से बेहतर रिपोर्ट देने की कोशिश की है, सरकार को अब तय करना है, हमलोगों ने जो बिंदु तय किये हैं, उसका पूरा ड्राफ्ट हम मुख्यमंत्री को सौंप रहे हैं” हालांकि संविलियन के मुद्दे पर NPG के सवाल पर चीफ सिकरेट्री ने कुछ भी खुलासा करने से इंकार कर दिया है। चीफ सिकरेट्री ने कहा कि ये गोपनीय रिपोर्ट है, जिसे सरकार को सुपूर्द किया जायेगा। उन्होंने कहा कि “रिपोर्ट पर कुछ कहना संभव नहीं है, वो तो सरकार तय करेगी, सरकार उस रिपोर्ट पर क्या निर्णय लेती है, लेकिन हमने बेहतर रिपोर्ट दी है, हमारा काम पूरा हो गया, रिपोर्ट सौंपने के बाद अब सरकार ही इस पर आखिरी निर्णय लेगी”
वैसे देखा जाये तो सामान्य तौर पर ऐसा होता नहीं है, कमेटी सीधे ही सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देती है, इसके लिए कमेटी के मेंबर खुद कभी रिपोर्ट सौंपने नहीं जाते। लेकिन मामला शिक्षाकर्मी जैसे संवेदनशील वर्ग से जुड़ा है, लिहाजा कमेटी के मेंबर खुद मुख्यमंत्री को उस रिपोर्ट की जानकारी देंगे, और दूसरे राज्यों की तुलनात्मक जानकारी देंगे। माना जा रहा है कि कमेटी के मेंबर पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को समझायेंगे और उसकी बारीकियों को बतायेंगे। आपको बता दें कि दिसंबर में हड़ताल खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने चीफ सिकरेट्री की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी थी। राज्य शासन द्वारा गठित आठ सदस्यों वाली इस समिति में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव ऋचा शर्मा, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी, आदिम जाति विकास विभाग की विशेष सचिव रीना बाबा साहब कंगाले और पंचायत संचालनालय के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा शामिल हैं।
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