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डॉ. सिंह ने उद्योगपतियों के सम्मेलन ’थिंक प्रोग्रेस, थिंक छत्तीसगढ़’ को संबोधित किया.
रायपुर-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि उद्योगों में पूंजी निवेश के लिए छत्तीसगढ़ देश का सबसे बेहतर राज्य है। सामाजिक क्षेत्र में देश में सबसे बड़ा निवेश करने वाला छत्तीसगढ़, राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाकर और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री आज नया रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में नवनिर्मित ’कनवेंशन सेंटर’ का उदघाटन करने के बाद उद्योगपतियों के साथ संवाद के लिए आयोजित सत्र ’थिंक प्रोग्रेस, थिंक छत्तीसगढ़’ को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित उद्योगपतियों और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों और व्यापार की उज्जवल संभावनाओं से जुड़ने का यह एक बेहतर अवसर है। राज्य सरकार राज्य के विकास में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य की सरकार की प्राथमिकता आई.टी., इलेक्ट्रिानिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और सोलर एनर्जी जैसे- प्रदूषण रहित उद्योगों को बढ़ावा देने की है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री छगन मुंदड़ा, मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिस कनवेंशन सेंटर का उदघाटन किया, उसका निर्माण प्रदेश सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग के उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा नया रायपुर में लगभग 25 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है। नवनिर्मित इस केन्द्र में 750 सीटों का अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, पांच सेमिनार हॉल सहित लगभग 20 हजार वर्गफीट में नवनिर्मित प्रदर्शनी हॉल भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित व्यापार एवं उद्योग प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ’एडवॉन्टेज छत्तीसगढ़’ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि दो प्रतिशत की जनसंख्या वाले छत्तीसगढ़ राज्य की देश के स्टील, सीमेंट, पॉवर, एल्युमिनियम जैसे कोर सेक्टर के उद्योगों में 20 प्रतिशत की भागीदारी है। छत्तीसगढ़ में उद्योगों और व्यापार के फलने-फूलने की अच्छी संभावनाएं हैं। देश के लगभग केन्द्र में स्थित छत्तीसगढ़ में राजनीतिक स्थिरता, प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन, बेहतर रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी, गुणवत्ता पूर्ण बिजली की उपलब्धता और राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों के कारण उद्योगों के लिए यहां बेहतर अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य की बेहतर आर्थिक स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षो में प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 30 हजार करोड़ रूपए से बढ़कर दो लाख 90 हजार करोड़ रूपए हो गया है। राज्य सरकार का बजट इस अवधि में राज्य का बजट नौ हजार करोड़ रूपए से बढ़कर 92 हजार करोड़ रूपए हो गया है। छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के एक लाख करोड़ के बजट वाले राज्यों के क्लब में शामिल होने जा रहा है। इस अवधि में राज्य में प्रति व्यक्ति आय दस हजार रूपए से बढ़कर 92 हजार रूपए हो गयी है। छत्तीसगढ़ में तेरह वर्ष राजस्व आधिक्य की स्थिति रही। भारतीय रिजर्व बैंक ने छत्तीसगढ़ को सबसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाला राज्य बताया है। देश में सबसे कम कर्ज छत्तीसगढ़ ने लिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन जुटाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में रेल नेटवर्क के विकास के लिए राज्य सरकार ने 600 करोड़ की एन्यूटी पर सार्वजनिक निजी भागीदारी (पी.पी.पी.मॉडल) की भागीदारी से अतिरिक्त संसाधन जुटाएं है। इस मॉडल पर प्रदेश में लगभग 13 हजार करोड़ रूपए लागत के रेल नेटवर्क विस्तार के काम चल रहे हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि प्रदेश में बिजली का उत्पादन चार हजार मेगावाट से बढ़कर लगभग 23 हजार मेगावाट हो गया है। इक्कीसवीं सदी की पहली राजधानी नया रायपुर में स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रही है। नया रायपुर में लगभग दस हजार करोड़ रूपए का पूंजी निवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि अगले चार माह में बस्तर के नगरनार में निर्माणाधीन तीन मिलियन टन क्षमता वाले इस्पात संयंत्र में उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश का पहला और दक्षिण अफ्रीका के बाद दुनिया का दूसरा कौशल उन्नयन कानून छत्तीसगढ़ ने बनाया है। अब तक लगभग चार लाख युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राज्य सरकार कौशल विकास कार्यक्रम में हर वर्ष 160 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश कर रही है। इस सेक्टर में देश में 12 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ का है। प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल नेटवर्क से जोड़कर इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जा रही है। सूचना क्रांति योजना (स्काई) के अंतर्गत प्रदेश में 50 लाख स्मार्ट फोन निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ औद्योगिक शांति का जीता-जागता उदाहरण है। प्रदेश में उद्योगों के स्थापना के लिए लगभग तीन लाख करोड़ के एमओयू किए गए जिनमें से 30 से 32 प्रतिशत उद्योगों में उत्पादन शुरू हो गया है। मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति, आई.टी. नीति और लॉजिस्टिक नीति उद्योग हितैषी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह आयोजन प्रदेश में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने में काफी उपयोगी होगा। शंघाई में भारत के काउंसलेट जनरल श्री अनिल कुमार राय, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) छत्तीसगढ़ चेप्टर के अध्यक्ष श्री पंकज सारडा, रविन ग्रुप के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री विजय कार्या और फ्रेट बाजार के सह संस्थापक श्री गणेश रेवनवार ने भी अपने विचार प्रकट किए। टाईम्स ग्रुप के चीफ एडिटर श्री मिहीर भट्ट ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर का यह टेªड और कनवेंशन सेंटर देश के सर्वश्रेष्ठ कनवेंशन सेंटरों में एक है। इस अवसर पर सारडा ग्रुप के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री कमल सारडा, हीरा ग्रुप के महाप्रबंधक श्री बजरंग लाल अग्रवाल सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संचालक श्रीमती अलरमेलमंगई डी. सहित अनेक उद्योगपति उपस्थित थे।
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बलौदाबाजार । पिछले 72 घंटे से छत्तीसगढ़ में रुक रुक कर हो रही बारिश ने छत्तीसगढ़ के नदी नाले उफान पर है। इस उफनते नदी नालों की वजह से कई लोगों की जान पर बन आयी है। इधर बलौदाबाजार में महानदी में आये उफान की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। नदी में रेत का अवैध उत्खनन कर रहे 20 लोग बीच नदी में ही फंस गए, जिन्हें करीब 3 से 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर निकाल गया।
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जानकारी के मुताबिक महानदी में अवैध रेत उत्खनन करने गए 8 हाइवा ट्रक समेत ड्राइवर और क्लीनर बीच नदी में ही फंसे थे।जलस्तर बढ़ता देख लोग हाइवा ट्रक के छत पर चढ़ गए। इधर स्थानीय लोगों ने पुलिस कोइस बात की सूचना दी, जिसके बाद रेसक्यू का काम शुरू किया गया। इधर घटना की सूचना पर खुद SP और कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची पलारी थाने के गिधपुरी पुलिस की टीम ने रेस्क्यू काम शुरू किया और सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
बेशक सभी लोगों को बचा लिया गया, लेकिन इस हादसे ने एक बड़ा सवाल प्रशासन पर खड़ा कर दिया है, कि आखिर जब बरसात के दिनों में रेत का उत्खनन बंद रहता है, तो फिर खनन माफिया इस कदर कैसे रेत का उत्खनन कर रहे हैं और प्रशासन को क्या इसकी जानकारी नहीं है या होने के बाबजूद भी वो आंखें मूंदे बैठा है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता तो क्या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होती।
::/fulltext::रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ हल चलाता किसान चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ेगी। निर्वाचन आयोग ने आज पार्टी को हल चलाता किसान चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया।जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी है। आयोग ने इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की कुछ और पार्टियों को भी चुनाव चिन्ह जारी किए हैं।
जोगी कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता सुब्रत डे के अनुसार जनता कांग्रेस ने अपनी तरफ से कुछ चुनाव चिन्ह के विकल्प आयोग को दिये थे। जोगी के नेतृत्व में जनता कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्यालय गया था और जनता कांग्रेस को चुनाव चिन्ह आवंटित करने की मांग के साथ ज्ञापन दिया था।
रायपुर। रायपुर के आम्बेड़कर अस्पताल में बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। दरअसल बच्ची को अस्पताल की संजीवनी एक्सप्रेस से लाया गया था, लेकिन दो घंटे तक एम्बुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला। इससे बच्ची का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक बिहार के गया से एक परिवार अपनी डेढ़ माह की बेटी कुंज को इलाज के लिए रायपुर के आम्बेड़कर अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे। माता-पिता ने रायपुर रेलवे स्टेशन से ही बच्ची के लिए संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस की थी। कुछ देर में एम्बुलेंस रेलवे स्टेशन से आम्बेड़कर अस्पताल पहुंची। लेकिन जब बच्ची को एम्बुलेंस से बाहर निकालने का समय आया तो एम्बुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला। एम्बुलेंस चालक, परिजनों और वहां मौजूद अस्पताल के स्टाफ ने एम्बुलेंस का दरवाजा खोलने की काफी कोशिश की लेकिन दरवाजा नहीं खुला। ये स्थिति करीब 2 घंटे तक बनीं रही। ऐसे में दम घुटने से बच्ची बेसुध हो गई।
बच्ची की हालत को देखते हुए उसे ड्राइवर सीट के पास वाले गेट से कांच को हटाकर बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। अस्पताल की अव्यवस्था के चलते एक मासूम बच्ची की जान चली गई। इधर बच्ची की मौत के बाद दुखी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। फिलहाल प्रबंधन ने मामले की जांच की बात कही है।